Navratri Durga Puja Vidhi : हवन में इन सामग्रियों को मिलाने से मां दुर्गा होती है प्रसन्न

धर्म संस्कृति : जैसा कि आप सभी जानते हैं  नवरात्रि प्रारंभ है जिसमें हमारी पूजन करने के साथ हवन का सर्वप्रथम महत्व बताया जाता है क्योंकि हवन के बिना हमारी पूजा अधूरी मानी जाती है 9 दिन हम मां को अपने घरों में रखते हैं और जब उनको हम अपने घर से विदा नहीं करेंगे तो माता हो जाएगी क्रोधित और माता की विदाई हवन के बाद ही होती है इसलिए हवन में कुछ अन्य सामग्रियों का करें मिलान चाहे चैत्र की नवरात्रि हो या फिर कुंवार की नवरात्रि इन 9 दिनों में माता के नौ स्वरूपों की विधि के अनुसार पूजा अर्चना करना बहुत फलदाई माना गया है और 9 दिनों में हम और माता के सभी भक्त को माता के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना करते हैं.

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उनके सभी संकट दूर हो जाते हैं और उनके घर में धन-धान्य की कोई कमी नहीं रहती है और चैत्र माह की नवरात्रि से वर्ष का पहला दिन माना जाता है तब से हमारे हिंदू पंचांग के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन से ही हमारे नव वर्ष की शुरुआत होती है जो कि अबकी बार 22 मार्च से शुरू हो रहा है नव वर्ष और चैत्र नवरात्रि जिसका समापन 30 मार्च को होगा इन 9 दिनों में सभी भक्त पूजा अर्चना और व्रत को रखते हैं नवरात्र व्रत से प्रसन्न होती हैं हमारी माता रानी जिन्हें प्रसन्न करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं और हवन के बिना हमारी पूजा अधूरी मानी जाती है तो आप भी पूजा की लिस्ट में मिला सकती है इन सामग्रियों को हवन करने के लिए क्या क्या मिलाए सामग्री।

हवन में मिलाएं यह सामग्री

लौंग
इलाइची
बेल का गूदा
आम की लकड़ी
धूप
काला तिल
चावल
जायफल
गट्टा का बीज
पान
सुपारी
खीर पूरी
पंचामृत
फल-
फूल
घर की बनी हुई मिठाई
गूगल
सतावरी
मेवा

यह सब सामग्री हवन में जरूरी होती है इसके बाद आप ब्राह्मण के बताए अनुसार मिलाएं और हवन वाले दिन अपने घर और कमरे को साफ करके पोछा लगा ले उसके बाद जिस पात्र में हवन करना है उसे अच्छे से धो ले वैसे तो लोहे के पात्र में हवन करना मना है लेकिन आज के समय में लगभग सभी घरों में फर्श हो गई है तो लोग लोहे के हवन कुंड में ही हवन करते हैं अगर लोहे के बर्तन में हवन करते हैं तो पात्र में नीचे बालू जरूर डालें उसके बाद आम की लकड़ी को अच्छे से बिछा कर रख दी उसके बाद लकड़ियों में कपूर जलाए।

हवन करने की सामग्री
हवन करने का पात्र
हवन
सुपारी
लौंग
इलायची
आम की लकड़ी
कपूर
सूखा नारियल
कलावा
तूल का कपड़ा
रोली
लाल चंदन
मिठाई
गंगाजल
खीर पूरी
बताशा
फूलों की माला या फिर मखाने की माला
शतावरी
भोजपत्र
शहद
कमलगट्टा के बीज
माता रानी की श्रृंगार का सामान
फोटो के साथ पूजा घर की साफ सफाई करें
हवन कुंड को धोकर साफ कर ले

माता रानी को फल फूल मिठाई आदि से पूजा करें

हवन कुंड में आम की लकड़ी बिछाए उसके बाद पांच बतासे घी में डुबोकर पांच बार डालें और अपने ब्राह्मण को उचित स्थान पर बैठाकर मंत्रों के द्वारा आहुति दें और फिर खीर पूड़ी से हम माता अन्नपूर्णा की आहुति दे सबसे बाद में सूखा नारियल पान सुपारी और बचा हुआ हवन पान में रख ले और आधा खड़ा होकर के हवन में रखें सबसे आखरी में जो घी बचा है उसको गर्म करके दोनों गदेली से धार बनाकर हाथों को नीचे से लेकर सिर से ऊपर तक ले जाएं और फिर माता की आरती करें और अपने व्रत के पूर्ण होने की कामना करें और माता से क्षमा याचना करें अगली नवरात्रि में आने का निमंत्रण दे ब्राह्मण को यथाशक्ति अनुसार अन्नदान के साथ-साथ उसे दक्षिणा दे और ब्राह्मण को भोजन कराएं बगैर भोजन के ब्राह्मण को घर से विदा नहीं किया जाता है और ब्राह्मण को धन्यवाद करते हुए खुशी-खुशी घर से विदा करें।

हवन करने से फायदे

हवन करने से हमारा मन प्रसन्न होता है और हवन के करने से हमारे घर के साथ-साथ आसपास का वातावरण भी शुद्ध हो जाता है और हमारे घर की नकारात्मक शक्तियां समाप्त हो जाती है और हमारा मन चित्त बिल्कुल शांत रहता है अगर आपको हमारी कहानी अच्छी लगी है तो हमें भी बताइएगा।

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