स्वास्थ्य सेवाएं राम भरोसे छोड़,छुट्टी मना रहे अधीक्षक व डॉक्टर: अधीक्षक की लम्बी पहुंच के कारण,मनमानी तारिके से चल रही है स्वास्थ सेवाएं 

आदित्य बाजपेई 

हरचंद्रपुर रायबरेली–उत्तर प्रदेश के मुखिया उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के दौरे का कोई असर नहीं। बीते कुछ दिन पहले हरचंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उप मुख्यमंत्री द्वारा निरीक्षण किया गया था लेकिन निरीक्षण बेअसर दिख रहा है। दीपावली के त्यौहार को लेकर रविवार और सोमवार को छुट्टी थी। मंगलवार से लगभग सारे सरकारी दफ्तर,स्कूल और अस्पताल खुले हुए हैं। लेकीन हरचंदपुर का वीवीआइपी सरकारी अस्पताल स्वास्थ्य महकमे को ठेंगा दिखा रहा है। न तो समय से पर्चा बनाने वाला बैठता है और न ही डॉक्टर समय से आते हैं। कई डॉक्टरों के कमरों में तो ताला लटकता हुआ दिखा। हरचंदपुर सरकारी अस्पताल की कमान संभाल रहे डॉ शरद कुशवाहा के कमरे में तो खुद ही ताला लटका हुआ था तो यहीं से अंदाजा लगाइए कि जब आका ही गायब है,तो और कहा कोई आयेगा। महिला डॉक्टर दिव्या चौबे के आगे नतमस्तक हैं,कई बड़े बड़े अधिकारी।न तो समय आना और न ही समय से जाना। महिला मरीजों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।अब आप यहीं से अंदाजा लगाइए कि किस तरीके से क्षेत्र की जनता परेशान हो रही है। उप मुख्यमंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखाकर,मनमानी तरीके से काम कर रहे है।

 

पर्चा बनवाने के लिए खिड़की से झांकते रहे मरीज

पर्चा बनवाने के लिए खिड़की से झांकते दिखे मरीज लेकिन पर्चा बनाने वाले का तो कोई अता पता ही नहीं रहा। मरीज अपना इलाज कराने के लिए इधर उधर भटकता रहा लेकीन मरीज की सुनने के लिए कोई नहीं रहा। कहीं पर तो ताला लटका हुआ था तो कही कोई चाय पीने के बहाने तो कहीं कोई मौज मस्ती काट रहा था अब मरीज का इलाज तो भगवान ही करें।

डॉक्टरों के कमरे में लटकता रहा ताला

अधीक्षक के साथ साथ ज्यादातर डाक्टर भी लापता दिखे..। सूत्र माने तो उपस्थित रजिस्टर में किसी भी डॉक्टर के साइन नही थे।

एक्स-रे कक्ष में भी लटका रहा ताला: मरीज भटकते रहे इधर उधर

स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की लाखों कोशिशे से की जा रही है लेकिन अधिकारी तो सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। दो डॉक्टरों के भरोसे सीचसी की व्यवस्था छोड़ और तो मौज काट रहे हैं। एक्सरे कमरे में भी लटका रहा ताला। मरीज तो इधर-उधर भटकते दिखे। योगी सरकार में भी जिम्मेदार इतनी लापरवाही बरतेंगे ये तो चौकाने वाली बात है। आज का ही नहीं सीचसी में अव्यवस्थाओं का बोलबाला हमेशा रहता है।

दो सप्ताह से खराब है सीबीसी मशीन और नही है कई दवाएं

हरचंदपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तो अपने कर्मों पर रो ही रहा है लेकिन अधिकारी भी जान कर भी अंजान बन रहे हैं। प्रदेश के कई जिलों में डेंगू और टाइफाइड का खतरा तो मरवा रहा है लेकिन इन डॉक्टरों को तो जनता की कोई परवाह ही नहीं। सीएससी में न तो कुछ दवाएं हैं और न ही सीबीसी की जांच हो रही है। सीबीसी जांच न होने से लगभग रोजाना सौ से डेढ़ सौ मरीज वापस लौटते हैं। अब सवाल यह उठता है कि इतने सख्त निर्देश के बाद भी अधिकारी लापरवाही क्यों बरतते है। न तो मरीजों को दवाई मिल पा रही हैं और न ही जांचे हो रही है तो आखिरकार कहीं न कहीं अस्पताल की व्यवस्था है,राम भरोसे चल रही है। अगर आपको इंजेक्शन लगवाना है तो इंजेक्शन बाहर से लाइए तभी आपकी इंजेक्शन लग पाएगी साहब का एक ही जवाब है यहां तो इंजेक्शन है ही नहीं। इतनी बड़ी सीएससी में इंजेक्शन की न तो नीडल है और न ही इंजेक्शन। तो आप यही अंदाजा लगाइए की किस व्यवस्था से जिंदा है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र..!

सीएमओ ने कहा होगी कार्रवाई……….

स्वास्थ्य विभाग की कमान संभाल रहे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेंद्र सिंह ने कहा लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। और जो लोग छुट्टी ले रखे हैं,उनको छोड़कर बिना बताए लापता डॉक्टरों व स्टाफ का रोका जायेगा वेतन।

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