प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र अग्निहोत्री पर हमले के विरोध में डीएम को सौंपा ज्ञापन
एसपी से सुरक्षा व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
रायबरेली।अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र अग्निहोत्री पर हुए हमले के विरोध में सोमवार को जनपद में व्यापक प्रदर्शन किया गया।प्रदेशव्यापी ज्ञापन कार्यक्रम के तहत संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे।जिलाध्यक्ष विवेक मिश्रा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश अध्यक्ष को सुरक्षा प्रदान करने और हमलावरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी पर जोर दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 फरवरी 2026 को लखनऊ में शैलेंद्र अग्निहोत्री अपने परिवार के साथ एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने गए थे।उनकी फॉर्च्यूनर (UP32 PP-9111) लुलु मॉल के पास खड़ी थी।इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने ईंट-पत्थरों से वाहन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया,जिससे गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।बताया गया कि घटना के समय वाहन में कोई मौजूद नहीं था,जिससे संभावित जनहानि टल गई।पूरी वारदात पास के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है और संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर ली है,लेकिन अभी तक मुख्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी न होने से संगठन के पदाधिकारियों में रोष व्याप्त है।प्रदर्शन में करणी सेना के जिलाध्यक्ष राहुल सिंह तथा अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह सहित अन्य सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।क्षत्रिय कल्याण परिषद के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने भी जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि किसी प्रमुख संगठन के पदाधिकारी पर इस प्रकार का हमला प्रदेश की कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती है।
ज्ञापन में प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच,आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है।इस घटना ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है। एक ओर संगठन सुरक्षा और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं,वहीं पुलिस द्वारा केवल एनसीआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।यदि शीघ्र व निष्पक्ष जांच कर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया,तो मामला और तूल पकड़ सकता है।प्रशासन के लिए यह कानून-व्यवस्था पर विश्वास कायम रखने की कसौटी साबित हो सकता है।














