Thursday, February 22, 2024
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मनुष्य को श्रीकृष्ण की तरह निभानी चाहिए मित्रता : संत उदयराज जी महराज

  • सुदामा चरित्र की कथा सुन भाव विभोर हो गए श्रोता
  • श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सुनाई गई सुदामा चरित्र की कथा ! दिखाई गई झांकी
  • श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर हुआ विशाल भण्डारे मेले का आयोजन

शिवगढ़,रायबरेली। क्षेत्र के नेमुलापुर मजरे कुम्भी हनुमान मन्दिर परिसर में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के अन्तिम दिन कथावाचक संत ज्ञान उदयराज जी महराज ने अपनी अमृतमयी वाणी से सुदामा चरित्र की कथा का बड़ा ही सुन्दर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सुदामा संसार के सबसे अनोखे भक्त रहे हैं। वह जीवन में जितने गरीब नजर आए, उतने वे मन से धनवान थे। उन्होंने अपने सुख व दुखों को भगवान की इच्छा पर सौंप दिया था। श्रीकृष्ण और सुदामा के मिलन का प्रसंग सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। सुदामा – श्रीकृष्ण से मिलने नंगे पांव उनके द्वार पर पहुंचे तो फटे, पुराने कपड़े देख द्वारपालों ने उन्हें द्वार पर ही रोक लिया। सकुचाते हुए जब सुदामा ने बताया कि राजा श्रीकृष्णा उनके परम मित्र हैं तो द्वारपाल उनका उपहास उड़ाने लगे।

जानकारी होने पर जब सुदामा से भगवान श्रीकृष्ण मिलने आए तो उन्होंने सुदामा के फटे कपड़े नहीं देखे, बल्कि मित्र की भावनाओं को देखा। उदयराज जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को अपना कर्म नहीं भूलना चाहिए। अगर सच्चा मित्र है तो श्रीकृष्ण और सुदामा की तरह होना चाहिए। जीवन में मनुष्य को श्रीकृष्ण की तरह अपनी मित्रता निभानी चाहिए। संत ज्ञान उदयराज जी महराज की अमृतमयी वाणी से श्रीकृष्ण – सुदामा मिलन की मार्मिक कथा सुन श्रोताओं की आंखें भर आई। गौरतलब हो कि क्षेत्र के नेमलापुर में कुम्भी प्रधान अशर्फीलाल यादव व ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से हनुमान मन्दिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया गया था। रसूलपुर बाराबंकी से पधारे संत ज्ञान उदयराज जी महराज पिछले 7 दिनों से सहयोगी प्रीती कृष्णा जी, ढोलक वादक अखिलेश, मजीरा वादक मातादीन के साथ संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा कह रहे थे।

कथा के साथ ही बाल कलाकारों ने श्रीकृष्ण लीला पर आधारित सुन्दर आकर्षक झांकियां दिखाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।कथा के समापन पर हवन हवन पूजन, विशाल भण्डारे एवं एक दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। पूण्य की लालसा से भण्डारे में पहुंचे सैकड़ो श्रद्धालुओं ने मन्दिर में माथा टेककर प्रसाद ग्रहण कर मनोकामनाएं मांगी। इस मौके पर प्रधान अशर्फीलाल यादव, बेचालाल, रामशरन यादव, टीकाराम,कौशल कुमार, नन्दकुमार मिश्रा, सत्य प्रकाश द्विवेदी, योगेंद्र यादव, संतोष यादव, संदीप सिंह, गौरी शंकर, हरिश्चंद्र, फूलचंद, श्रवण कुमार, धर्मेंद्र, राहुल मिश्रा, जालिम सिंह, ज्वाला यादव, बंसीलाल सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद है।

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