Friday, February 3, 2023
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सोमवार व्रत कैसे करें और भगवान शिव को क्या भोग चढ़ाएं

  • सोमवार का व्रत कब से शुरू करना चाहिए।

रायबरेली डेस्क: सोमवार का व्रत वैसे तो सावन  माह से शुरू करना चाहिए इस दिन भगवान शिव और चंद्रमा की पूजा की जाती है भगवान शिव अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण किए हुए हैं और इसलिए भगवान शिव के साथ-साथ चंद्रमा की पूजा इस दिन की जाती है ।

क्या है सोमवार व्रत के नियम

सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करके स्वच्छ कपड़े पहनकर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए और इस दिन किसी की कोई बुराई नहीं करनी चाहिए और अपने मन में सारा दिन भगवान शिव को याद करना है और उनसे ही बातें करनी चाहिए इस दिन दरवाजे पर कोई भूखा व्यक्ति या भिखारी फकीर आ जाए तो भोजन अवश्य कराना चाहिए।

भगवान शिव पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए

भगवान शिव की पूजा की सामग्री भगवान शिव को बेलपत्र बहुत प्रिय है लेकिन बेलपत्र कटा नहीं होना चाहिए और तीन पत्ती वाला होना चाहिए और प्रत्येक पत्ती पर पीले चंदन से राम-राम लिखा होना चाहिए और मदार गांजा भांग धतूरा चढ़ाना चाहिए और भगवान शिव की को बैंगनी या फिर नीले और सफेद पुष्प चढ़ाना चाहिए ।

भगवान शिव को नीले पुष्ट क्यों चढ़ाना चाहिए भगवान शिव का एक नाम नीलकंठ है और वह अपने कंठ में गले में विष को धारण किए हुए हैं इसलिए उन्हें नीले पुष्प अवश्य चढ़ाने चाहिए और भगवान शंकर को मिट्टी के किसी पात्र से दूध अवश्य चढ़ाना चाहिए।

दूध गाय का हो तो अति सुंदर है दूध दही घी गंगाजल शहद और घर के जल से स्नान अवश्य कराना चाहिए और फल फूल मिठाई आदि से भोग लगाना चाहिए धूप दीप आदि से भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिए और यह पूजा किसी मंदिर में शाम को करनी चाहिए और भगवान के भोग में आटे का चूरमा बनाना चाहिए और सुहागिन स्त्रियों को शिव की पूजा करने से पहले माता पार्वती की पूजा अवश्य करनी चाहिए।

अगर आप माता पार्वती की पूजा नहीं करती तो फिर आपकी पूजा असफल रहती है और एक बात है कि भगवान शंकर कोई गांजा भांग नहीं खाते थे लेकिन उनके ऊपर गांजा भांग धतूरा बेल पत्र क्यों चढ़ाते हैं क्योंकि इन सभी सामग्रियों के साथ-साथ हम अपने सभी विकारों को भगवान शंकर को समर्पित करते हैं कि हे भोलेनाथ आज से हम अपने सभी विकारों को आप को समर्पित करते हैं आज से इन्हें आप ही संभालो।

इस दिन हमें क्या खाना चाहिए

इस दिन हमें सारा दिन कुछ भी नहीं खाना है और ना ही जल पीना है शाम को पूजा के बाद हम चाय दूध फल सिंघाड़े के आटे का हलवा गाजर का हलवा लौकी का हलवा आदि खा सकते हैं और नमक कभी नहीं खाना है कोई नहीं खाना है और शाम को सूर्यास्त के बाद ना तो हमें किसी के घर कोई सफेद वस्तु लेनी है और ना ही देनी है। जैसे शाम को आटा नमक दूध दही चावल आदि सामग्री नहीं देना और ना ही सफेद कपड़े देना है और व्रत वाले दिन घर में ना लहसुन प्याज बैंगन उड़द की दाल कटहल आज नहीं बनाना चाहिए और दूसरे मंगलवार को सुबह कढ़ी फिर लड्डू खाकर व्रत खोलना चाहिए किसी भी मीठी  सामग्री से व्रत खोलना चाहिए और  आपने जो भगवान शिव को समर्पित किया है। उसे सब एक थाली में लेकर किसी गुसाईं को दान देना चाहिए और उसमें दक्षिणा अवश्य रखनी चाहिए और एक गोसाई को भोजन कराना चाहिए क्योंकि गोसाई भगवान शंकर का परम भक्त है इसलिए शंकर की पूजा के बाद गोसाई को दान दक्षिणा अवश्य देना चाहिए और उसे भोजन कराना चाहिए इस दिन काले नीले सफेद आदि वस्तुओं का दान नहीं देना है।

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