Thursday, February 22, 2024
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6 जनवरी को आयोजित होगा बनवारी दास बाबा का ऐतिहासिक विशाल भण्डारा

  • श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बनी बाबा बनवारी दास की कुटी

अंगद राही / शिवगढ़,रायबरेली। क्षेत्र के शिवगढ़ नगर पंचायत अन्तर्गत पूरे पाण्डेय स्थित बाबा बनवारी दास की पावन कुटी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बनी हुई है। बाबा की कुटी में हर साल की तरह आगामी 6 जनवरी को बाबा के ऐतिहासिक विशाल भण्डारे का आयोजन किया जाएगा। भण्ड़ारे में 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने का अनुमान लगाया जा रहा है। मन्दिर के पुजारी पंडित कालिका प्रसाद ने बताया कि भण्डारे की सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है, भण्ड़ारे का आयोजन ग्रामीणों के समन्वित सहयोग से किया जायेगा।

मान्यता :

मान्यता है कि बनवारी दास बाबा की कुटी के स्थान पर कभी एक घना जंगल था जहां लोग रात में जाना तो दूर दिन में जाने में कतराते थे। जहां बरगद के पेड़ के नीचे बनवारी दास बाबा तप किया करते थे। इसकी जानकारी जब ग्रामीणों को हुई तो ग्रामीणों ने बाबा की कुटी में आना-जाना शुरू कर दिया। भला होने पर भक्तों द्वारा कुटी में एक मन्दिर का निर्माण कराया गया। जहां बाल ब्रम्हचारी बाबा बनवारी दास हमेशा भक्ती में लीन रहते थे। जो एक दिन में सिर्फ एक भक्त का ही लाया गया सीधा ग्रहण करते थे,बाकी भक्तों का सीधा वापस कर देते थे। जो भक्त कुटी में पहले आनाज इत्यादि सामग्री लेकर आ जाता था उसी से ही वह प्रसाद तैयार करते थे, तैयार प्रसाद से पहले वे कुटी में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को भोजन कराने बाद ही प्रसाद ग्रहण करते थे। उनके आश्रम की सबसे बड़ी बात ये थी कि जब वे श्रद्धालुओं को प्रसाद परोसते थे तो कभी उनके पात्र में भोजन कम नही पड़ता था।

वहीं मान्यता है कि एक दिन बनवारी दास बाबा किसी भक्त यहां गये थे। रात में उन्होंने अपनी अंतर्दृष्टि से देखा कि चोर कुटी में चोरी कर रहा है। जिसकी जानकारी उन्होंने अपने भक्तों को देते हुए रात में ही कुटी के लिए पैदल चल पड़े। जब बनवारी दास बाबा वापस लौटकर आये तो देखा चोर घण्टा खोलने आया था जो घण्टा खोलते समय घण्टे में ही चिपक गया। ये नजारा देखकर बनवारी वीर बाबा प्रभु की महिमा समझ गये। जिनके क्षमा करने के पश्चात चोर घण्टे से छूट सका। चोर ने बाबा के चरणों में गिरकर क्षमा मांगी और बाबा का अराध्य भक्त बन गया। बाबा के निधन के पश्चात भक्तों द्वारा उन्हे कुटी में समाधि दी गई। कई वर्ष पूर्व मुम्बई से आए बॉलीवुड के मशहूर कलाकारों ने बाबा महिमा पर आधारित एक एल्बम भी बनाया था जिसके सभी गाने सुपरहिट रहे। जिन्हे आज भी श्रद्धालु गुनगुनाते रहते हैं।

 

क्या कहते हैं श्रद्धालु…

बाबा के परम भक्त एवं पिपरी ग्राम पंचायत की पूर्व प्रधान अनुपमा तिवारी का कहना हैं कि बाबा की महिमा अपार है जिनके स्मरण मात्र से भक्तों के हर बिगड़े काम बन जाते हैं।

अकेलवा घर के रहने वाले राकेश बाबू तिवारी का कहना है कि बाबा के आशीर्वाद से ही ग्रामीण अपने शुभ कार्यों की शुरुआत करते हैं।

ढेकवा के रहने वाले ओम प्रकाश मिश्रा का कहना है कि बाबा की कुटी में सच्चे मन से आने वाले भक्तों की हर सम्भव मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

दहिगवां गांव के रहने वाले पूर्व प्रधान प्रतिनिधि पवन शुक्ला का कहना हैं बनवारी बाबा अन्तरयामी थे जिनका आशीर्वाद कभी खाली नही जाता था।

दामोदर खेड़ा के रहने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य केतार पासी का कहना है दिन-ब-दिन बाबा की महिमा बढ़ती जा रही है,जिनके भण्ड़ारें में दूर दराज से भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

 

Angad rahi
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