धडल्ले से बिक रही जहरीली शराब जिम्मेदार मौन*

Raeabreli Uttar Pradesh

महराजगंज,रायबरेली। कच्ची शराब पीकार आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के बाद भी प्रशासन नही चेता है। महराजगंज थाना क्षेत्र में इस अवैध कच्ची शराब के ब्यवसाय में पुरूषो से कही आगे महिलाएं है। महिलाएं शराब बनाने से लेकर बेंचने तक के कार्य में संलिप्त रहती है। जबकि क्षेत्र में कई बार जहरीली शराब पीने के बाद कई लोग बीमार हो गए है।वावजूद इसके महराजगंज का प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। जानकारी के अनुसार लगभग महराजगंज तहसील क्षेत्र में 35 से 40 गांवो में कच्ची शराब चोरी छिपे बनाई जाती है। इन गांवो में अवैध शराब का ब्यवसाय पुलिस और आबकारी विभाग की मिली भगत से फलफूल रहा है। जबकि वास्तविकता में इनकी संख्या काफी अधिक है। विभाग के आलाधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर अवैध शराब ब्यवसाइयों के विरूद्व अभियान चलाकर कार्यवाही की जा रही है। चिन्हित किए गऐ गांवो पर बराबर नजर रखी जा रही है। सूत्रो के मुताबित सरबजीत का पुरवा, हरदोई,डाणे का पुरवा, नया पुरवा, हलोर, मउ, कैडावा, बेरसरी, कोडरी, सधई का पुरवा, चन्दापुर, पहरेमउ, बावन बुजुर्ग बल्ला, करमगंज, सारीपुर, कलन्दरगंज, खैरा, कोडरा, पूरे छत्ता डेडौवा, खुदायगंज, पूरे जगन, जिहवा, बघई अहलवार, कोडरी मोन आदि गांवो में अवैध कच्ची शराब बनाने का काम तेजी से पनप रहा है। जब कि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नया पुरवा, व डाणे का पुरवा, पारा, कोडरी गांवो में नइया के किनारे अवैध शराब की बजार लगती है। शराब के सौकीन लोग सस्ती होने के कारण जहर पीने को मजबूर है। जबकि शराबियों को पता है कि यह कच्ची शराब जानलेवा हो सकती है। इतना ही नही इन भटिठंयों से दूर गांव के ब्यवसायी थोक दाम 20 रूपये प्रति बोतल के हिसाब सें अवैध शराब लेकर जाते है और वहां 100 से 120 रूपये प्रति बोतल बेचते है। शाम ढलते ही शराब बेचने के कार्य में अधिकतर महिलाए सक्रिय हो जाती है। कुछ शराब बेचने वाले प्लास्टिक की थैली में पाउच बनाकर पहले से ही तैयार कर लेते है और ग्रहको को चुपचाप वही थैली पकडा दी जाती है। ताकि किसी को पता न चल सके। जबकि सूत्रो का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी इन अवैध शराब कारोबारियों के साथ चंद रूपयों की लालच में आकर गरीब मजदूरो के जान जोखिम में डालने का काम कर रहे है।

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