सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा फेल, सड़कों की रिपेयरिंग के नाम पर हो रहा खेल

Raebareli

मुस्तकीम अहमद

नसीराबाद,रायबरेली। जहां एक तरफ सरकार बनते ही सूबे के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त लहजे में आदेश दिया था कि उत्तर प्रदेश की छोटी – बड़ी सभी सड़केें गड्ढा मुक्त होगी। शुरुआती दौर में मुख्यमंत्री के निर्देशों व अदेशों का पालन भी देखा गया लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरता गया वैसे-वैसे जिम्मेदार नौकरशाह खानापूर्ति कर सरकार की छवि को धूमिल करने लगे। बता दें कि आज जनपद की छोटी से लेकर बड़ी सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं यहां तक कि हाईवे की सड़कें भी गड्ढों के चपेट में हैं आए दिन गड्ढों की चपेट में छोटे से लेकर बड़े वाहन फसकर खून के आंसू पीने को मजबूर हो रहे हैं कुछ ऐसा ही नजारा जनपद के विकास खंड छतोंह मार्ग पर देखने को मिला है। जहां सड़क नाम की चीज ही नहीं है नजर उठा कर देखा जाए तो सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे दिखाई पड़ते हैं। बताते चलें की छतोंह से गांधीनगर की ओर जाने वाली सड़क आज गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। ये वही सड़क है जो बीते कई माह पहले केंद्रीय मंत्री अमेठी सांसद स्मृति ईरानी का काफिला गुजर चुका है यही नहीं सड़क से सटे कई गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गई परंतु यह सड़क जस की तस है यहां तक कि भाजपा का कोई सदस्य व नेता इस सड़क की और अपनी नजर नहीं बिठा रहा है और राज्य सरकार के नौकरशाह को भी इस सड़क को देखने तक का भी समय नहीं मिल रहा है।

इस सड़क पर राहगीर और आम नागरिक चलने को मजबूर है पिछले माह कई लोग इस सड़क पर चोटिल भी हो चुके हैं राजनेताओं से लेकर अधिकारियों की बड़ी-बड़ी बातें सुनने और देखने को तो मिलते हैं पर ऐसी बातें से क्या फायदा जो केवल हवा हवाई साबित हो बताया जाता है कि बदहाल इस सड़क की मरम्मत सपा सरकार के कार्यकाल से लेकर भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी कई बार मरम्मत का कार्य करवाया गया है माना यह भी जाता है कि सपा सरकार कार्यकाल में दर्जनों बार इस सड़क पर मरम्मत का कार्य किया गया है परंतु सड़क तो नहीं सुधरी लेकिन सड़क पर मरम्मत करने वाले ठेकेदार से लेकर राजनेताओं के घर जरूर चमक गए हैं ग्रामीणों का कहना है कि सरकार सड़क बनाने के लिए ठेका ठेकेदार को दे देती है और ठेकेदार ठेका लेकर ठेकेदार मानक के अनुसार सड़क ना बनाकर केवल खानापूर्ति करके चले जाते हैं। इसका खामियाजा सड़क पर चलने वाले राहगीरों से लेकर राहगीरों को जान जोखिम में डालकर चुकानी पड़ती है।राहगीरों का कहना है कि भाजपा सरकार ने दावा किया था कि व सबका साथ सबका विकास के लिए काम करेगी और न खाएगी ना ही किसी को खाने देगी। यहां तक दावा किया कि भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ते हुए मुक्त करेगी लेकिन सालों गुजर गए विकास खंड छतोंह से लेकर गांधीनगर तक का मार्ग खंडार ही खंडहर बना है जबकि यह मार्ग मात्र 15 से 16 किलोमीटर की दूरी माना जाता है। इसी सड़क से सटे हुए कई इंटरमीडिएट कॉलेज भी है जो हजारों की संख्या में इस सड़क से जान जोखिम में डालकर छात्र और छात्राएं स्कूल आते जाते हैं यही नहीं ग्रामीणों का कहना है कि अगर अयोध्या जाना है तो केवल यही एक सड़क सीधी व सरल बैठती है जो लोग अपनी जान जोखिम में डालकर जाते है। ग्रामीण मकसूद अहमद सुरेश कुमार पांडे आलम नवाज अमित कुमार तिवारी त्रिभुवन नाथ पांडे महेश कुमार हीरालाल, जमुना प्रसाद ,कमलेश कुमार आदि लोगों का कहना है कि ऐसा लगता है कि छतोंह से लेकर गांधीनगर तक का मार्ग अब नहीं बन पाएगा और इस सड़क पर हम लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर आना जाना पड़ेगा। इस पूरे मामले पर अमेठी सांसद सलोन क्षेत्र पीआरओ विजय गुप्ता से बात की गई तो बोले कि मामला संज्ञान में आया है। सांसद जी को अवगत करा कर जल्द ही सड़क पर मरम्मत का कार्य करवाया जाएगा।

नहीं उठा पीडब्ल्यूडी विभाग एक्सईएन का फोन

इस पूरे मामले पर मुख्यालय जनपद के पीडब्ल्यूडी विभाग के उच्च अधिकारी एक्सियन के मोबाइल नंबर पर बात करना चाहा तो जनाब का फोन ही रिसीव नहीं हो सका।

अब गंभीरता से मामले को लेगी जिले के जिलाधिकारी सुभ्रा सक्सेना

जिले के कमान जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना से बात हुई तो बोली कि अभी तक मामले की जानकारी नहीं थी अगर ऐसा है तो तत्काल प्रभाव से पी डब्लू डी एक्सी एन को सड़क मरम्मत के लिए कहां जाएगा।

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