दिव्यांग बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में दिव्यांगों के साथ हुआ भद्दा मजाक

Raebareli

● अव्यवस्थाओं का बोलबाला

रस्म अदायगी साबित हुई दिव्यांग बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता

टी.पी यादव

महराजगंज,रायबरेली। महराजगंज कस्बा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेंं शिक्षा विभाग द्वारा करायी गयी तहसील स्तरीय दिव्यांग बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता नौनिहालों क़े साथ भद्दा मजाक साबित होती दिखी। बिना तैयारी प्रतियोगिता क़े दौरान जहां अव्यवस्थाओंं की सारी हदें पार रही वही भोजन की राह तक रहे दिव्यांग नौनिहालों को पुरस्कृत होने क़े लिए घंटो बैठाए रखा गया। जिससें शिक्षा विभाग क़े खुद्दार अधिकारियों कर्मचारियों की मानवीय संवेदन शून्यता को भली भांति समझा जा सकता है।
बताते चले की शिक्षा विभाग द्वारा शनिवार को विकास खण्ड महराजगंज, बछरावा, शिवगढ़ क़े प्राथमिक व उच्चतर विद्यालयों क़े दिव्यांग बच्चोंं की तहसील स्तरीय बेसिक शिक्षा दिव्यांग बाल क्रीडा प्रतियोगिता कस्बा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय महराजगंज मे करायी गयी । कागजी घोड़े दौड़ाने की हड़बड़ी कहे या दिव्यांगों क़े प्रति बेरुखी क्योंंकि कार्यक्रम क़े आगाज क़े साथ ही दूसरे को जिम्मा थमा आयोजक एसडीआई महराजगंज सुरेश कुमार कार्यक्रम से नौ दो ग्यारह हो गए ।
हैरत की बात तो यह है की एक माह पूर्व शिक्षा विभाग द्वारा ही सामान्य वर्ग क़े बच्चो की खेल प्रतियोगिता मिनी स्टेडियम सलेथू क़े खेल मैदान मेंं करायी गयी वहींं दोहरा बर्ताव करते हुए दिव्यांग बच्चो को पक्की बिछी ईट पर खेल प्रतियोगिता का आयोजन विभाग क़े मनीषी मानुषजनों द्वारा कराया गया। इस दौरान 9 बजे सुबह 20-30 किमी चलकर आयोजित स्थल पहुंचे दिव्यांगो को प्रतियोगिता का जिम्मा संभाले संजय कनौजिया एवं जयकरन द्वारा ढाई बजे मात्र पूड़ी सब्जी देकर उपकृत किया गया इसके पूर्व भूख से नौनिहाल अकुलाते देखे गए । आयोजक मंडल की दिव्यांगों क़े प्रति संवेदन हीनता तब देखने को मिली जब पुरस्कार सामग्री क़े इन्तेजार मे इन्हें घंटो बैठाए रखा गया । बाद मेंं बर्तन की दुकान से ग्लास, प्लेट व टिफिन वितरित कर विशेष शिक्षकोंं क़े साथ आए दिव्यांगों को विदा किया गया ।

खेल प्रतियोगिता के लिए आए बजट की गई बन्दर बांट

शिक्षा विभाग द्वारा खेल प्रतियोगिता क़े आयोजन कराने को ऊपर से कुल बजट दस हजार रुपयो का आया । इस पैसे को खर्चा करने क़े बजाए हजम करने की नियत आयोजकों मेंं साफ देखी गयी। बिना टेंट कुर्सियों क़े आयोजित हुई प्रतियोगिता क़े दौरान 17 सफेद पन्ने, सुलेख हेतु 10 परीक्षा वाली रफ कापियां,दो पैकेट स्केज, 4 पेंसिल,4 रबड़, 2 कटर क़े रूप मे स्टेशनरी सामग्री खरीदी गयी। जिनमेंं एक पेंसिल क़े 3 खंड कर प्रतियोगी दिव्यांगों को वितरित किया जाना आयोजकों की सोच को प्रदर्शित करने को काफी है वही हास्यास्पद स्थिति तब दिखी जब प्रतियोगिता सुलेख की किन्तु आयोजक मंडल द्वारा पेंसिल क़े बजाए दिव्यांग नौनिहालों क़े हाथ मे स्केज थमाया गया । इस दौरान नौनिहालों से पेंसिल, रबड़ , कटर , स्केज तक जाते जाते ले लिया गया ।

इनसेट 2-
तहसील स्तरीय प्रतियोगिता मे महराजगंज विकासखंड से 21,शिवगढ़ से 03 व बछरावा से कुल 04 दिव्यांग प्रतिभागी आए । इनको लाने व ले जाने की जिम्मेदारी समस्त बीईओ की थी किन्तु तीनो ही मौके से नदारत रह अपनी जिम्मेदारी से भागते देखे गए । जिससें विशेष शिक्षको क़े भरोसे नौनिहाल आयोजित क्रीड़ा स्थल पर मोटरसाइकिल से लदे फंदे पहुंचे । अब इनके सुरक्षा व संशाधन क़े क्या इन्तेजाम किए गए होगे इसे भली भांति समझा जा सकता है ।
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