योगी सरकार जल निगम की भर्ती रद्द करने के बाद करेगी अभ्यर्थियो पर एफआईआर!

Raebareli Uttar Pradesh

प्रमोद राही

लखनऊ । उत्तर प्रदेश मे जल निगम की भर्तियां हुई थी। उस समय समाजवादी पार्टी (सपा) नेता और पूर्व मंत्री आजम खान उस विभाग के मंत्री थे। इन भर्तियों में कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा होते ही योगी सरकार ने भर्तियों के मामले में जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) नेता और पूर्व मंत्री आजम खान पर शिकंजा कसने के बाद सरकार ने अभ्यर्थियों को भी जांच के दायरे में लिया है, जिन लोगों का अंक बढ़ाकर भर्ती किया गया था, उनके खिलाफ भी कार्यवाही होगी।जांच में ऐसे 175 अभ्यर्थियों की पहचान हुई है।
योगी सरकार इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का मन बना रही है। परीक्षा में खर्च हुई रकम भी कर्मचारियों और अधिकारियों की तनख्वाह से वसूली जाएगी। सपा शासनकाल में 853 जूनियर इंजीनियर और 335 लिपिकों की भर्ती की गई थी, जिनको सरकार ने सोमवार को निरस्त कर दिया है। इन भर्तियों में शामिल साक्षात्कार के विशेषज्ञों के खिलाफ भी कार्यवाही होगी। इस मामले में जल निगम के प्रबंध निदेशक विकास गोठलवाल ने कहा कि एसआईटी, ट्रिपल आईटी इलाहाबाद और आईआईटी कानपुर की जांच में भर्ती में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। इसके आधार पर ही चयन प्रक्रिया रद्द करते हुए अधिशासी अभियंता के बाद अवर अभियंता व लिपिकभर्ती प्रक्रिया रद्द की गई है। अन्य दोषियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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