भू माफियाओं के आगे नतमस्तक तहसील प्रशासन

Raebareli Uttar Pradesh

डलमऊ,रायबरेली। तहसीलदार प्रतीत त्रिपाठी बंजर भूमि पर कब्जे को लेकर भले ही सख्त नजर आ रहे हो पर पूरे सुखई मजरे देवली के तत्कालीन लेखपाल शिवदुलारे साहू द्वारा तगाटा संख्या 165 जो स्वभाव से बंजर भूमि है उस कब्जे की बात स्वीकार करते हुए कब्जेदारों को गरीबी का लिबास पहनाकर उन पर मुकदमें की कार्यवाही से बचाने की पुरजोर कोशिश करते दिखाई पड़ रहे हैं। जिससे तहसीलदार प्रतीत त्रिपाठी की कोशिश नाकाफी लग रही है डलमऊ तहसील प्रशासन अवैध कब्जेदारों और भू-माफियाओं पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है जिससे भू- माफियाओं के हौसले दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ते जा रहे हैं भले ही सूबे के मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम पंचायत और बंजर जमीनों पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं जैसे फरमान जारी किए जा चुके हो लेकिन हकीकत इसके बिलकुल विपरीत ही दिखाई पड़ रही है लेकिन तहसील प्रशासन की चिरनिद्रा है जो लगातार शिकायतों के बाद भी नहीं खुल रही है भू-माफिया योजनाबद्ध तरीके से धीरे-धीरे अपने अवैध कब्जेदारी के दम पर लगभग पूरी बंजर भूमि पर कब्जा करने के उपरांत भूमिधरी जमीन के सहन पर नजरे गड़ा रहे हैं जिस पर डलमऊ प्रशासन के क्षेत्रीय लेखपाल अपने दरियादिली का परिचय देते हुए उनपर कानूनी कार्यवाही से बचने का प्रयास करते दिखाई पड़ रहे हैं।जिससे मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन की मंशा पर पलीता लगता दिखने लगा है मामला डलमऊ तहसील के अंतर्गत ग्राम पूरे सुखई मजरे देवली का है जहां गाँव के ही दीपू पुत्र शिवनाथ, बाबूलाल पुत्र झूरी,राजकरन पुत्र रामहरख,दीनदयाल पुत्र शिवनाथ,श्रीकिशन पुत्र शिवनाथ द्वारा गाटा संख्या 165 जो कि बंजर भूमि दर्ज है जिसका कुल रकबा 8 बिस्वा 13 विस्वाआंश के लगभग है जिसके 95 प्रतिशत भाग पर भू-माफियाओं का अनाधिकृत कब्जा कर  उसके कुछ भाग पर शौचालय आदि का निर्माण किया जा चुका है जबकि शेष भाग पर निर्माण किया जा चुका है जबकि शेष भाग पर भी कब्जे के उद्देश्य से उस पर खड़े पेंड को भी काट लिया है जिसमे बगल मे स्थिति भूमिधरि जमीन पर खड़े बबूल के पेड़ को भी काट लिया है इतना ही नहीं राजकरन,शिवहरख व बाबूलाल ने तो बंजर भूमि पर घर तक बना लिया है जिसके बाद भी वह गाँव की बंजर भूमि पर नजरे गड़ाए हुए हैं उपरोक्त व्यक्ति इतने दबंग है कि विरोध करने वालों के ऊपर इनके घर की महिलाये भी खुलेआम हरिजन एक्ट व बलात्कार के झूठे मुकदमो मे फसाने की खुलेआम धमकी देती है जिससे गाँव के अन्य वर्ग यहां तक प्रधान भी इतना विरोध करने की हिम्मत नहीं कर पाता जिससे इनके हौसलें आसमान छूने लगे हैं डलमऊ पुलिस भी कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ती कर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर चुकी है जिसके बाद बढ़े हुए हौसलें के साथ अब भू-माफियाओ द्वारा लोगों की भूमिधरी जमीन पर भी कब्जे करने लगे हैं।इसकी शुरुआत वो अपने सुअर बाड़ा से करते हैं जो बाद में विवाद की स्थिति बनाकर घर की महिलाओं का सहारा लेते हुए  उस पर कब्जा कर लेते हैं इस संदर्भ पर उत्तर प्रदेश शासन ने भू- माफियाओं पर नकेल कसने के लिए योगी आदित्य नाथ की सरकार ने पहली बार राजस्व और पुलिस विभाग के साझा सहयोग से जो अभियान शुरू किया है उसे काफी सफलता मिल रही है।  सरकार की योजना मार्च तक हर तरह की जमीन को कब्जा मुक्त कराने की है।जमीन विवाद को लेकर खासे विवादित राज्य उत्तर प्रदेश में विशेष भूमि विवाद निस्तारण अभियान चलाया जा रहा है। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में जमीन कब्जा मुक्त कराने का वादा किया था सरकार बनने के बाद एंटी भू-माफिया बिग्रेड बनी। जिसमे गांव के लिए विशेष अभियान चलाया जा जाने वाली बातें हवाहवाई साबित हो रही है बंजर भूमि पर भू-माफियाओं के कब्जे के प्रकरण पर तहसीलदार प्रतीत त्रिपाठी ने बताया उक्त प्रकरण की जांच कराई जाएगी जिसके बाद अवैध कब्जेदारों पर कार्यवाही की जाएगी।

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