दिवंगत सैनिक की पत्नी इंसाफ के लिए लगाती रही चक्कर, पुलिस ने पीड़िता के खेत में करा दिया निर्माण कार्य

Lucknow Uttar Pradesh अपराध

प्रमोद राही

लखनऊ। दिवंगत सैनिक की पत्नी न्याय के लिए थाने से लेकर एसडीएम की चौखट के लगाती रही चक्कर सरहंग दबंगों ने कर लिया पीड़िता के खेत में निर्माण। मामला निगोहा थाना क्षेत्र के गडरियन खेड़ा चौराहे के पास का है। बछरावां थाना क्षेत्र के ठकुराइन खेड़ा मजरे रामपुर सुदौली की रहने वाली दिवंगत सैनिक ओम प्रकाश की पत्नी विद्या देवी का आरोप है कि निगोहा थाना क्षेत्र के गडरियन खेड़ा चौराहे के पास सड़क के किनारे स्थित पीड़िता की बेशकीमती पट्टाइल जमीन पर निगोहा थाना क्षेत्र के जमादार खेड़ा गांव के रहने वाले सरहंग, दबंग रामप्रसाद पुत्र हीरालाल व उसके पुत्र शिवम ने पीड़िता की गैरमौजूदगी में जबरन खेत में निर्माण कर लिया। पीड़िता ने बताया कि जब रामप्रसाद और उसके पुत्र शिवम ने खेत में नीव डाली और उसे जानकारी हुई तो पीड़िता ने बीती 10 फरवरी 2020 को मौके पर डायल नंबर 112 पर फोन करके पुलिस को बुलाया और निर्माण कार्य रुकवाया। जिसके पश्चात पीड़िता ने 10 फरवरी को ही निगोहा थाने में और तत्पश्चात उप जिलाधिकारी मोहनलालगंज के यहां शिकायती पत्र देकर जब तक खेत की नपाई नहीं हो जाती तब तक निर्माण कार्य रुकवाने की गुहार लगाई। जिसे दोनों जगह से आश्वासन देकर घर वापस कर दिया गया। किंतु 19 फरवरी 2020 को पीड़िता की बगैर जानकारी के मौके पर पहुंची निगोहा पुलिस ने आरोपियों से सांठगांठ करके अपने संरक्षण में पुनः निर्माण कार्य शुरू करा दिया। जिसकी भनक लगने पर 21 फरवरी 2020 को पुन: निगोहा थाने पहुंची दिवंगत सैनिक की पत्नी विद्या देवी को निगोहा पुलिस ने पहले तो पुलिसिया हथकण्डा बताते हुए कहाकि विवादित जमीन है, खेत की नपाई का निर्माणकर्ता इंतजार नहीं करेंगे। उनका सामान खराब हो रहा है। इसलिए पुलिस निर्माण कार्य नहीं रुकवा पाएगी बाद में यूपी पुलिस को ट्वीट होने पर निगोहा थानाध्यक्ष ने महज 6 दिनों के लिए निर्माण कार्य रुकवाने की बात कहकर हल्का दरोगा को मौके पर भेजकर निर्माण कार्य तो रुकवा दिया किंतु यह भी कहा कि तुम्हें जहां जाना है जाओ, जो करना है कर लो 6 दिनों के अंदर नाप पूरी नहीं हुई तो पुलिस यहां दोबारा निर्माण कार्य रुकवाने नहीं आएगी। अफसोस इस बात का है जिस पीड़िता के पति ने देश की रक्षा में अपना जीवन खपा दिया उसकी पत्नी इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है। कानून व्यवस्था पर विश्वास करने वाली पीड़िता को जब खाकी ही दगा देने लगी तो पीड़िता इंसाफ के लिए कहां जाएं। सबसे बड़ी बात है कि पीड़िता ने मोहनलालगंज उप जिलाधिकारी के यहां भी प्रार्थना पत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई किंतु उसे वहां भी सिर्फ आश्वासन मिला। यदि उप जिलाधिकारी ने मामले को संज्ञान में लिया होता तो शायद आज दबंगों की पीड़िता के खेत में पुनः निर्माण कार्य करने की हिम्मत ना पड़ती।

Total Page Visits: 311 - Today Page Visits: 1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *