पक्ष में रहे या विपक्ष में, अगले 20-30 साल तक भाजपा को कमजोर करना आसान नहीं-प्रशांत किशोर

जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव आगामी 20 से 30 सालों तक यूं ही बना रहेगा। भाजपा देश की राजनीति में प्रभावी बनी रहेगी। एक अंग्रेजी अखबार को दिये इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने कहा है कि नयी कांग्रेस को राजनीति में अब बहुत कुछ सीखना होगा।

 

इसके लिए बिहार से सीखा जा सकता है। बिहार में राजनीतिक विरोधियों को कैसे चुनौती दी जाती है और वो भी विपक्ष में रहकर। प्रशांत किशोर का इशारा बिहार में लालू की पार्टी यानी राष्ट्रीय जनता दल की नीतियों को लेकर है। प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘1977 के दौर को अगर छोड़ दें तो आजादी के बाद से लेकर 1990 तक कांग्रेस देश की राजनीति में मुख्य रूप से केंद्र में रही। तब कांग्रेस सत्ता य विपक्ष में कहीं न कहीं प्रभावी भूमिका में रही। यही स्थिति आज भाजपा की है। जैसे पहले कांग्रेस के बिना राजनीति अधूरी थी वैसे ही आज भाजपा के बिना अधूरापन है। प्रशांत किशोर ने ये भी कहा कि भाजपा आज जहां है वहां पर उसको पहुंचाने का बहुत कुछ श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है। आज भाजपा को चुनौती देना आसान नहीं। प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘वर्तमान परिस्थितियों का आकलन करें तो अगले 20-30 वर्षों तक देश की राजनीति के केंद्र में बीजेपी ही रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज पक्ष या विपक्ष की चर्चा से बाहर है जो कि उसके लिए चिंता का विषय होना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि लम्बे समय से

 

अपने दम पर लोकसभा चुनाव नहीं जीतना भी कांग्रेस के लिए चुनौती है। प्रशांत किशोर ने कहा कि कांग्रेस अगर सही से देखें तो 1990 के बाद से ही कमजोर होती चली गयी है। हालांकि इस दौरान सोनिया गांधी के नेतृत्व में पार्टी एक बार फिर खड़ी हुई और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे विराट व्यक्तिव वाले नेता को चुनौती दी। पर फिर भी कांग्रेस में वो दम-खम और जोर नजर नहीं आया तो पहले होता था। यूपीए के 10 वर्ष के कार्यकाल में भी कांग्रेस अकेली मजबूत पार्टी की जगह गठबंधन की बैसाखी पर चलती अधिक नजर आयी।प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि कोई राजनीति दल स्थायी रूप से 30 फीसदी से अधिक वोट पक्का कर ले तो फिर वह आसानी से पराजित नहीं होता और ना ही गायब हो सकता है।

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