तड़पता रहा मरीज कमरे में बैठे रहे चिकित्सक

Raebareli Uttar Pradesh

डलमऊ,रायबरेली। डलमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेेंं गुरुवार को एक अनोखी घटना देखने को मिली एक तरफ मरीज तड़पता रहा और चिकित्सक का परिजन इंतजार करते रहे। हैरानी की बात है कि जहां एक और मरीज तड़प रहा था वहीं दूसरी तरफ चिकित्सक कमरे में बैठकर ब्लोवर की गर्म हवा लेते रहे। मामले में हंगामा बढ़ता हुआ देखकर किसी तरह चिकित्सक कमरे से बाहर निकले और बिना मरीज की जांच किए बिना ही आक्रोशित होकर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मरीजों के साथ शत्रुता जैसा व्यवहार करना यहां के चिकित्सकों के लिए कोई नई बात नहीं है ,यहां तो ऐसी घटनाएं आए दिन हुआ करती हैं। दरअसल डलमऊ कोतवाली कस्बे के मियां टोला निवासी अशरफ अली 19 वर्ष पुत्र शाबित अली ने संदिग्ध परिस्थितियों में घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। जिसके चलते युवक की हालत बिगड़ती देखकर परिजन उसे आनन फानन में सीएचसी डलमऊ ले गए। पेट में असहनीय दर्द होने की वजह से युवक करीब आधे घंटे तक चिकित्सक के कमरे के सामने तड़पता रहा लेकिन इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक नेे उसे देखना तक मुनासिब नहीं समझा। परिजनों ने जब हंगामा काटना शुरू कर दिया तो इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक कमरे से बाहर निकले और बिना मरीज को देखे ही उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इतना ही नहीं इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने मरीजों के साथ आए तीमारदारों से भी जमकर अभद्रता की। सीएचसी में मरीजों और तीमारदारों के साथ आए दिन चिकित्सक द्वारा शत्रुता जैसा व्यवहार करना इनके लिए कोई नई बात नहीं है। यहां तो आए दिन ही ऐसी घटनाएं हुआ करती हैं ।मामले में विभागीय उच्चाधिकारियों से भी शिकायत होती है लेकिन चिकित्सकों पर कोई कार्यवाही नहीं होती। जिससे उनके हौसले बुलंद है। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी विनोद सिंह चौहान ने बताया की मामला मेरे संज्ञान में है मामले की जांच उच्चाधिकारियों के निर्देश पर की जा रही है इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक द्वारा अभद्र व्यवहार नहीं करना चाहिए मामले की जांच कराई जा रही है। क्षेत्र के लोगों एवं तीमारदारों की माने तो डॉक्टर को भगवान का दूसरा रुप कहा जाता है। जिन्हें अपने चैन सुकून सेे ज्यादा मरीजों की प्यारी होती। किंतु डलमऊ सीएचसी में तैनात डॉक्टर ने भगवान का दूसरा रुप कहे जानेे वाले डॉक्टर के पेशे को कलंकित करके रख दिया है। अब देखना यह दिलचस्प होगा की मरीजों के साथ हैवानियत की तरह पेश आने वाले आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्यवाही होती है कि या हर बार की तरह तीमारदारों की शिकायत फिर ठंडेेे बस्ते मेें डाल दी जाएगी।

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