ऑपरेशन कायाकल्प की धज्जियां उड़ाने में लगे हैं ग्रामीण

Uttar Pradesh अभियान बाराबंकी

मुन्ना सिंह

बाराबंकी : सरकार द्वारा स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों अरबो रुपए खर्च करके ऑपरेशन कायाकल्प अभियान चलाया गया था इसके अंतर्गत ऑपरेशन कायाकल्प से विकास विभाग, शिक्षा विभाग, जल निगम सहित कई विभागों को जोड़कर के विद्यालय में बेसिक बुनियादी जरूरतें जो कि एक स्कूल में बच्चों के लिए जरूरी है चलाया गया था। जिसमें बड़े पैमाने पर प्रत्येक माह जिलाधिकारी से लेकर शासन द्वारा इसकी मॉनिटरिंग की जाती है और सभी स्कुलो में 14 पैरामीटर के अंतर्गत सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन द्वारा अभियान चला गया था। लेकिन बीते करीब 6 महीने से चलाए गए इस अभियान में शुरुआत में, जोर-शोर से काम हुआ, लेकिन धीरे-धीरे इसकी रफ्तार सुस्त हो गई।

विकास विभाग के पास पैसों का टोटा हो गया। शिक्षा विभाग द्वारा स्कुलो को भेजी गयी, 25 हजार और 50000 की सालाना खर्च की कंटीजेंसी से स्कुलो के खर्च के साथ ही ऑपरेशन कायाकल्प के भी 14 मिनट पैरामीटर पूरे करने का दबाव अधिकारियों द्वारा बनाया जाता रहा है, जैसे तैसे हेड मास्टर द्वारा बताया गया की उच्च अधिकारियों के दबाव में बेसिक बुनियादी चीजों में हैंडपंप, समरसेबल और रनिंग वाटर की सुविधाएं बच्चों के लिए मुहैया कराने के लिए चुस्त-दुरुस्त की गई थी साथ ही साथ दिव्यांग शौचालय, रैंप आदि की भी व्यवस्था हेड मास्टर द्वारा जैसे तैसे की गई कुछ लोगो द्वारा तो निजी खर्च से ये सब काम छात्र हित मे कराये गए है। लेकिन ऑपरेशन कायाकल्प की धज्जियां उड़ाने में स्थानीय ग्रामीण जनता लगी हुई है जिसके बच्चे स्कूलों में पढ़ते हैं और बेहतर शिक्षा पाने के पहले हकदार भी है । छुट्टियां होने के बाद सोमवार को विकासखंड हैदरगढ़ के कई स्कूलों बली गेरावा, अहिरगाँव, मानपुर, जारमऊ के खुलने के बाद हेड मास्टर द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी को फोटो भेज करके बताया गया कि बच्चों के पानी पीने के लिए लगाए नहीं पानी की टंकियां, पानी के पाइप टूटी हुई है या गांव के कुछ अराजक तत्व तोड़ कर ले गए।

भारी संख्या में ग्रामवासियों द्वारा इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दी रहे ऐसे में हेड मास्टरों का कहना है कि ऐसे में हम इतनी मेहनत करके बच्चों की सुविधाओं के लिए अपने निजी खर्च करके बच्चों को सुविधाएं मुहैया कराते हैं। लेकिन गांव के अराजक तत्व नलो की चोटियां उसके पाइप आदि निकालकर ले गए ऐसे में हम क्या करें किस प्रकार से हम बच्चों को बेहतर सुविधा दे पाए जब क्षेत्रीय जनता ही स्कूलों का भला नहीं चाहती है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष विवेक कुमार गुप्ता ने बताया कि हेड मास्टर बच्चों की बुनियादी सुविधा देने के लिए बीते 6 माह से अधिक समय से ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत बुनियादी सुविधा देने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं ऐसे में जिन अभिभावकों के और क्षेत्रीय जनता के बच्चे स्कुलो मे पढ़ते हैं अगर वहीं स्कूलों के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाएंगे तो स्कूलों में बच्चों को बेहतर सुविधा कैसे मिल पाएगी इसके लिए क्षेत्र की जनता को भी आगे आना होगा जो कि ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ आवाज उठाएं और बच्चो को बेहतर परिवेश देने मे सहयोग करे।

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