माननीय केन्द्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ज़ूबिन इरानी ने किया स्वामी विवेकानन्द के सपनों को साकार करते, आरजीआईपीटी संचालित ज्ञानार्पण ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन कार्यक्रम का उद्घाटन

मिसाल

उपेन्द्र शुक्ला

राजीव गाँधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (आरजीआईपीटी), जायस, अमेठी द्वारा प्रोजेक्ट अमेठी: शिक्षा एवं समावेशी विकास, ज्ञानार्पण कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू किये गये ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन का उद्घाटन आज सोमवार, 22 फरवरी 2021 को मुख्य अतिथि श्रीमती स्मृति जूबिन इरानी, माननीय केन्द्रीय मंत्री, वस्त्र मंत्रालय एवं महिला व बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री मयंकेश्वर शरण सिंह, विधायक तिलोई एवं संस्थान के निदेशक आचार्य अखौरी सुधीर कुमार सिन्हा भी उपस्थित थे।
ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन कार्यक्रम कक्षा नौ से बारहवीं के छात्रों की गणित, भौतिकी, रसायन एवं अँग्रेजी विषयों की स्कूली शिक्षा को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत, आज 100 मेधावी बच्चे, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से कम है, को ऑनलाइन कक्षाएँ करने के लिए निःशुल्क रूप से एंड्राइड फोन उपलब्ध कराये गये। इन 100 बच्चों में, 54 छात्राएं तथा 46 छात्र हैं, जिनमें से अनुसूचित जाति वर्ग के 10 एवं अल्पसंख्यक वर्ग के 07 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, संस्थान के बी.टेक. के छात्र-छात्राएँ, जो जेईई एडवांस्ड उत्तीर्ण हैं, बच्चों को विज्ञान, गणित एवं अँग्रेजी की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप-प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान के निदेशक आचार्य अखौरी सुधीर कुमार सिन्हा ने कहा कि आरजीआईपीटी राष्ट्रीय महत्व का एक अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थान है और अमेठी जनपद में स्कूली विज्ञान शिक्षा को लोकप्रिय बनाने एवं उसकी गुणवत्ता में सुधार के प्रति समर्पित है। उन्होंने बताया कि पहली बार आरजीआईपीटी देशभर के 200 तकनीकी संस्थानों की NIRF रैंकिंग में 134 वां स्थान प्राप्त किया है। पहली बार संस्थान में अन्तर्राष्ट्रीय छात्रों ने प्रवेश लिया है। आरजीआईपीटी ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ शिक्षा और शोध के क्षेत्र में समझौते किये हैं। श्री सिन्हा ने बताया कि संस्थान को AICTE द्वारा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम हेतु अनुमोदित किया गया है। संस्थान इस वर्ष से इंटर्नशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम की शुरुआत भी कर रहा है।
ज्ञानार्पण कार्यक्रम वर्ष 2019 में शुरू किया गया। इसके अंतर्गत आरजीआईपीटी, जायस, राजा विश्वनाथ शरण सिंह इंटर कॉलेज, तिलोई एवं ए. एच. इंटर कॉलेज, जगदीशपुर में तीन केन्द्र स्थापित किये गये। आरजीआईपीटी ने 15 सितंबर 2020 से कक्षा नौ से बारहवीं के छात्र-छात्राओं हेतु भौतिकी, रसायन, गणित एवं अँग्रेजी विषयों की ऑनलाइन कक्षाएँ पायलट रूप में शुरू की ताकि कोरोना महामारी के कारण बंद हुए स्कूलों की वजह से उनका अध्ययन बाधित न हो। इस कार्यक्रम से वर्तमान में लगभग 1500 छात्र-छात्राएँ जुड़े हुए हैं और इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अमेठी जनपद के 300 मेधावी छात्र-छात्राओं को एंड्राइड मोबाइल फोन उपलब्ध कराये गये हैं ताकि वे निर्बाध रूप से ऑनलाइन कक्षाओं में भाग ले सकें। कार्यक्रम के अन्तर्गत 1000 मोबाइल फोन के वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्यक्रम में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एच.ए.एल), कोरवा मोबाइल हैंडसेट हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। इसके अंतर्गत अब तक विभिन्न विद्यालयों से चयनित 152 छात्राओं एवं 148 छात्रों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराये गये हैं, जिनमें अनुसूचित जाति के 36 एवं अल्पसंख्यक वर्ग के 29 छात्र-छात्राएँ लाभान्वित हुए हैं।


कार्यक्रम में उपस्थित श्री मयंकेश्वर शरण सिंह, माननीय विधायक तिलोई ने संस्थान द्वारा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की शिक्षा एवं विकास हेतु ज्ञानार्पण कार्यक्रम के माध्यम से आरजीआईपीटी द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए अवगत कराया कि इस कार्यक्रम के अन्तर्गत पंजीकृत 10 छात्रों में से 03 छात्र हाईस्कूल की परीक्षा में अमेठी जनपद के 10 उत्कृष्ट (टॉप टेन) छात्रों में हैं। इसके लिए उन्होंने संस्थान के निदेशक तथा अध्यापन कार्य से जुड़े संस्थान के प्राध्यापकों एवं छात्रों का धन्यवाद दिया।
मुख्य अतिथि श्रीमती स्मृति ज़ूबिन इरानी ने श्रीलंका सरकार द्वारा संस्थान से सहयोग मांगने तथा ऐसे जिले के सांसद होने पर गौरव बताया जो उनके मानव संसाधन विकास मंत्री रहते हुये स्थापित नेशनल रैकिंग फ्रेमवर्क में रैकिंग में सम्मिलित हुआ। उन्होनें अमेठी की शैक्षणिक संस्थान को नेशनल रैकिंग में स्थान प्राप्त करने को एक इतिहास निर्मित करने वाला क्षण बताया। उन्होने ज्ञानार्पण कार्यक्रम के महत्ता को बताते हुये कहा कि राष्ट्रीय महत्व के संस्थान में प्रवेश पाने वाले छात्रों की अभिलाषा रहती है कि वे अच्छा करें परन्तु आरजीआईपीटी के छात्रों ने ट्यूटर की भूमिका निभाते हुये अमेठी लोकसभा के गरीब बच्चों को जो ज्ञान प्रदान किया है। वह छात्रों के मानवीय संवेदनाओं और व्यवहार को उद्धृत करता है। यहां के छात्रों और प्राध्यापकों का ज्ञानार्पण के माध्यम से किया गया प्रयास सरस्वती माँ की वास्तविक अराधना है जिन्होनें अमेठी के सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों के गरीब छात्रों तक शिक्षा पहुँचायी है। जिसके लिए वे संस्थान के प्रति आभारी हैं। उन्होने कोविड की वजह ऑनलाइन शिक्षा के महत्व को रेखाकिंत किया है तथा भारत सरकार द्वारा डिजिटल शिक्षा के लिए चलाये गये प्लेटफार्म दीक्षा प्लेटफॉर्म से अवगत कराया तथा ज्ञानार्पण कार्यक्रम से जुड़े प्राध्यापक एवं छात्र भी उपरोक्त कार्यक्रम से जुड़ कर लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया । श्रीमती इरानी ने उड़ान कार्यक्रम में पुरुस्कृत छात्रों के नवीन विचारों के लिए भी संस्थान और छात्रों को शुभकामनायें दी तथा ज्ञानार्पण कार्यक्रम को विवेकानन्द जी के सपनों के भारत को वास्तविक धरातल पर साकार करने वाला कार्यक्रम घोषित किया। उन्होनें एचएएल जैसे ही भारत सरकार के अन्य प्रकल्पों द्वारा भी संस्थान को सहायता प्रदान करने के लिए आश्वस्त किया।

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