जनपद में महिलाओं की पसंद बना अंतरा इंजेक्शन

Uttar Pradesh बुलन्दशहर स्वास्थ्य

● आशा कार्यकर्ता बढ़ा रहीं महिलाओं में जागरूकता

● जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्र पर निःशुल्क उपलब्ध

बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग का परिवार नियोजन पर जोर है। विभाग द्वारा दम्पति को परिवार नियोजन के साधन अपनाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। परिवार नियोजन के लिए गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा की उपयोगिता निर्विवाद है। इसी तरह गर्भनिरोधक गोली छाया भी बेहद कारगर है। जिले में इसका प्रसार-प्रचार जोरों पर है। जागरूकता बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनका सही से इस्तेमाल शुरू हो गया है। तमाम महिलाएं गर्भ निरोधक के तौर पर इनका इस्तेमाल कर रही हैं। परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने में देहात क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता अहम भूमिका निभा रही हैं। अप्रैल 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक जनपद में 2883 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन अपनाया है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रोहताश यादव ने बताया – अंतरा इंजेक्शन बहुत ही प्रभावी गर्भनिरोधक है। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है ।  इस इंजेक्शन का असर तीन महीने तक रहता है। हर तीन महीने बाद एक इंजेक्शन लगाया जाता है। उन्होंने बताया जब तक परिवार नियोजित रखना हो इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। जब भी दोबारा मां बनना हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। तीन से छह महीने में मासिक चक्र नियमित हो जाता है। तब अगला बच्चा प्लान कर सकते हैं। जनपद में महिलाओं की रुचि परिवार नियोजन के प्रति बढ़ रही है, पिछले साल की अपेक्षा इस साल अंतरा सहित छाया का उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। जैसे-जैसे लोग इनके प्रति जागरूक हो रहे हैं, उसी हिसाब से इनका प्रयोग भी बढ़ रहा है। डॉ. यादव ने बताया अंतरा लगवाने के बाद माहवारी न आने के कारण कई महिलाएं घबरा जाती हैं और अगला इंजेक्शन नहीं लगवातीं। इस कारण उन्हें अनचाहा गर्भ ठहरने की आशंका फिर से बढ़ जाती है। यदि ऐसी स्थिति में महिला को जब उचित परामर्श मिलता है तो वह इन बदलाव के बावजूद अंतरा लगवाना जारी रखती हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए अंतरा केयर लाइन का संचालन किया गया है। इसका टोलफ्री नंबर-18001033044 है। अंतरा और छाया की सुविधा जनपद में जिला अस्पताल, सभी प्राथमिक / सामुदायिक स्वास्थ्य  केन्द्रों व स्वास्थ्य उप केन्द्रों पर उपलब्ध है। कई आशा कार्यकर्ताओं ने परिवार नियोजन के लिए खुद अंतरा इंजेक्शन लगवा कर अपना उदाहरण पेश किया है। वह अन्य महिलाओं को प्रेरित कर रहीं हैं।

फरवरी 2018 में योजना की हुई थी शुरुआत

जनपद में त्रैमासिक इंजेक्शन अंतरा की शुरुआत जिला महिला चिकित्सालय में फरवरी 2018 में की गयी ताकि दंपत्तियों को इसका लाभ मिल सके।

छाया का नहीं है कोई साइड इफेक्ट

स्टीरॉयड न होने की वजह से छाया नान हार्मोनल गर्भनिरोधक गोली है, जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। मासिक चक्र के दीर्घकरण के अलावा छाया का कोई दुष्प्रभाव नहीं पाया गया है। हार्मोनल गोलियों की तुलना में छाया के सेवन से मोटापा, मतली होना, उल्टी या चक्कर आना, रक्तस्त्राव और मुहांसे जैसे कोई दुष्प्रभाव नहीं होते। इस कारण यह अधिक सुरक्षित है।

ऐसे करें छाया का सेवन

छाया का सेवन आरंभ करने के लिए मासिक धर्म शुरू होने वाले दिन पहली गोली लेनी होती है। इसके बाद चौथे दिन दूसरी गोली। उदाहरण के तौर पर यदि किसी का मासिक धर्म रविवार को शुरू हुआ तो पहली गोली रविवार को व दूसरी चौथे दिन यानि बुधवार को लेनी होगी। इसके बाद तीन माह तक हर सप्ताह रविवार और बुधवार को यह गोली लेनी है।

जनपद में सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध 

छाया टेबलेट जिला महिला अस्पताल के अलावा सभी सामुदायिक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी व पीएचसी) व सभी उपकेन्द्रों पर मिलती है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जनपद में कुल 2883 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन अपनाया है, वहीं 6980 महिलायें छाया का सेवन कर रहीं हैं।

Total Page Visits: 35 - Today Page Visits: 1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *