हिंद हॉस्पिटल में अव्यवस्था का शिकार हुए कोरोना संक्रमित बछरावां विधायक रामनरेश रावत

Raebareli Uttar Pradesh

● विधायक रामनरेश रावत को केजीएमयू लखनऊ की कोविड-यूनिट में कराया गया भर्ती

● हिंद हॉस्पिटल के कोविड-यूनिट हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही से हालत बिगड़ी

बाराबंकी। सफेदाबाद स्थित हिंद हॉस्पिटल के कोविड-यूनिट में बछरावां विधायक रामनरेश रावत अव्यवस्थाओं का शिकार हुए। उन्हें सोमवार को हिंद हास्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां तीन घंटे तक उन्हें किसी एक्सपर्ट डॉक्टर ने नहीं देखा। ऐसे में उन्होंने सीएमओ के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय तक इसकी जानकारी दी। तब जाकर उनका इलाज शुरू हुआ इलाज के बाद भी उनकी हालत नही सुधरी तो मंगलवार की दोपहर उन्हें लखनऊ केजीएमयू में रेफर कर दिया गया। बछरावां विधायक अस्पताल की अवस्थाओं से आहत हैं, उन्होंने बताया कि जब हमारे साथ इस तरह की स्थित हुई तो अन्य के साथ क्या होती होगी ? इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि बछरावां विधायक रामनरेश रावत का मकान बाराबंकी शहर में विकास भवन के निकट है। कोरोना संक्रमित रिपोर्ट आने के बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई। उनकी ऑक्सीजन लेवल कम हुई तो उन्होंने हिंद अस्पताल में भर्ती कराने की इच्छा जाहिर की थी। विधायक का कहना है कि हिंद हॉस्पिटल में भर्ती होने के तीन घंटे तक किसी विशेषज्ञ डॉक्टर ने उन्हें नहीं देखा। तब उन्होंने सीएमओ बाराबंकी को जानकारी दी। डीएम बाराबंकी से बात नहीं हो सकी तो इसी बीच डीएम रायबरेली वैभव श्रीवास्तव से फोन पर बात हुई तो उन्हें भी बताया। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में सूचना दी। तब विशेषज्ञ डॉक्टर आए। कई तरह की जांचें कराई। मंगलवार की सुबह हाथ खड़े कर दिए। एसजीपीजीआई या केजीएमयू में से कहीं भी जाने का मशविरा दिया। ऐसे में उन्होने केजीएमयू में भर्ती होने का निर्णय लिया। विधायक ने बताया कि करीब पौने तीन बजे वह केजीएमयू में पहुंच गए। कोविड-19 के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उन्हे देखा। फेफड़ों में संक्रमण बताया जा रहा है। डॉक्टर ने शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ का आश्वासन दिया है। वहीं दूसरी ओर विधायक की पत्नी ने पति की हालत बिगड़ने पर हिंद हॉस्पिटल में उचित इलाज शुरू होने में ढाई-तीन घंटे के विलंब पर अफ़सोस जताते हुए भाजपा के कई नेताओं को भी अवगत कराया। भाजपा नेताओं में किसान मोर्चा प्रदेश महामंत्री सुधीर कुमार सिंह सिद्धू, नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन रंजीत बहादुर श्रीवास्तव शामिल हैं। रंजीत बहादुर ने बताया कि उन्होंने हिंद हॉस्पिटल के संचालक मंडल के लोगों से बात करने की कोशिश की जिनका नंबर उठा ही नहीं। बताते चलें कि कोविड-यूनिट हॉस्पिटलों में मरीज ठीक भी हो रहे हैं लेकिन अव्यवस्था की शिकायतें भी कम नहीं हैं। अभी पिछले दिनों कई मरीजों ने हॉस्पिटलों में अव्यवस्था की शिकायतें की थी। चंद्रा हॉस्पिटल में के बारे में देवा सीएचसी के कोरोना पीड़ित वार्ड ब्वॉय ने वीडियो जारी किया था। गांधीवादी नेता पाटेश्वरी प्रसाद के साथ भी इलाज में लापरवाही की गई थी। उन्होंने इसके खिलाफ रैली भी निकाली थी। लेकिन जांच भी नहीं हुई। भाजपा के नेता शिवहर्ष सिंह भी हिंद कोविड-यूनिट में अव्यवस्था का शिकार हुए थे।

                         
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