सफेद दाग से घबराइए नहीं इलाज सम्भव है : डॉ. संगीता

Raebareli Uttar Pradesh

पंकज गुप्ता

रायबरेली। कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर संगीता श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए कहाकि सफेद दाग का नाम सुनते ही कोई भी व्यक्ति सचेत की अवस्था में आ जाता है। माता पिता के लिए बच्चों में सफेद दाग होना एक चिंता का विषय है ,क्योंकि हमारा समाज इस तरह की बीमारी को बहुत संवेदनशील तरीके से नहीं लेता बल्कि उस परिवार और व्यक्ति को बहिष्कृत कर दिया जाता है। जिसके कारण परिवार सामाजिक दबाव में बहुत अधिक आ जाता है । यही कारण है कि सफेद दाग को समझना बहुत जरूरी है। सफेद दाग या विटिलिगो एक तरह का अनुवांशिक रोग है ,जो पीढ़ी दर पीढ़ी दिखाई देता है। परंतु यह जरूरी नहीं कि यह अगली पीढ़ी में मिले ही। सफेद दाग और विटिलिगो के मात्र 30% केस ही अनुवांशिक देखे गए हैं। विटिलिगो होने के निम्न कारण है- ऑटोइम्यून डिसऑर्डर ,जेनेटिक डिसऑर्डर ,न्यूरोलॉजि डिसऑर्डर और सेल्फ डिस्ट्रक्शन ।
विटिलिगो या सफेद दाग में मेलानोसाइट कोशिकाएं स्वयं से समाप्त होने लगती हैं, जिससे उसका त्वचा का रंग सामान्य त्वचा से ना मिलकर सफेद प्रतीत होता है जो सफेद दाग जैसा होता है। यह दाग शरीर के किसी भी हिस्से में पाए जा सकते हैं मुख्यतः चेहरे ,बालों, हाथों और पैरों में दिखाई देते हैं।सफेद दाग सामान्यतः सांवले रंग के लोगों में अधिक दिखाई देता है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है।
विटिलिगो कई प्रकार के हैं। इनके प्रकार इस पर निर्भर करते हैं कि कितने दाग और शरीर के किस हिस्से में फैले हुए हैं।
इसके प्रकार है -फोकल विटिलिगो, जनरलाइज्ड विटिलिगो , म्यूकोजल विटिलिगो , ट्राईक्रोम विटिलिगो , सेगमेंटेड विटिलिगो और यूनिवर्सल विटिलिगो।
फोकल विटिलिगो में एक -दो ही दाग शरीर के हिस्सों फैले होते हैं मुख्यतः यह बच्चों में दिखाई देता है।सेगमेंटेड विटिलिगो में शरीर के एक तरफ के ही हिस्से में सफेद दाग देखने को मिलते हैं।ट्राईक्रोम विटिलिगो में सफेद और हल्के और गहरे रंग के दाग देखने को मिलते हैं।म्यूकोजल विटिलिगो में म्यूकस मेंब्रेन में ही सफेद दाग होते हैं ।यूनिवर्सल विटिलिगो बहुत ही कम लोगों में मिलता है । इसमें शरीर के 80% हिस्से में सफेद दाग होते हैं।सफेद दाग में किसी प्रकार का दर्द नहीं होता है परंतु शुरुआती दौर के दागों में धूप से जलन खुजली हो सकती है इसके लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। और उन हिस्सों को ढक कर रखें।
सफेद दाग की शुरूआत छोटे से फुंसी ,चोट इत्यादि से शुरू हो सकती हैं।
सफेद दाग और विटिलिगो के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह ठीक होने के बावजूद बार बार उभर कर बाहर आ जाता है।
विश्व स्तर पर विटिलिगो का दाग 0.4 से 2%जनसंख्या में देखने को मिलता है ।50% से अधिक लक्षण बचपन के दौरान ही दिखाई दे जाते हैं।
दवाइयां, सर्जिकल ग्राफ्टिंग, फोटो थेरेपी के बाद मात्र 50 से 75% ही व्यक्ति ठीक हो पाते हैं। जो सफेद दाग नाक ,आंख ऊपर होठ इत्यादि पर हो जाते हैं उन्हें ठीक करना बहुत बड़ी समस्या है।
सफेद दाग जीवन प्रक्रिया पर अधिक असर नहीं डालता, परंतु एक सामाजिक दबाव और हीनता को जन्म देता है। मरीजों को यह महसूस होता है कि उनमें बड़ी कमी हो गई है ।वह सामाजिक तौर पर अपने आप को दूसरों से अलग पाते है ,जो आगे चलकर उसकी मानसिक बीमारियों का कारण भी बन जाता है। परंतु यह लाइलाज बीमारी नहीं है आज के समय में होने वाले होने वाले सफेद दाग के लिए कारगर इलाज मेडिकल कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट या विटिलिगो कोमोफलेज है।
इस इलाज में आपको रोज रोज दवाई लेना ,थेरेपी और सर्जिकल ग्राफ्टिंग की आवश्यकता नहीं है। इलाज में अधिक समय नहीं लगता है और विशेष तैयारी नहीं करनी पड़ती है
इलाज की प्रक्रिया में सफेद दाग पर स्थिर और सामान्य त्वचा जैसा रंग दिया जाता है । यह रंग मुख्यतः ऑर्गेनिक ओर इनॉर्गेनिक बनाए जाते हैं जैसे आर्यन ऑक्साइड, सब्जियों के तेल, फलों की तेल, हिना ,एस्टर इत्यादि । जिससे त्वचा में कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है और पानी के साथ भी यह खराब नहीं होता है। आपको भी उसके लिए विशेष कोई ध्यान वह रख रखाव करने की आवश्यकता नहीं है ।आप अपने जीवन के सामान्य कार्य सामान्य तरीके से कर सकते हैं जिसमें नहाना धोना इत्यादि है।
जिनकी सफेद दाग ठीक नहीं हो रहे हैं तथा चेहरे और त्वचा पर सफेद दाग बने है । उनको घबराने की जरूरत नहीं है आप किसी भी डॉक्टर से इसके विषय में परामर्श ले सकते हैं।उनके लिए यह इलाज एक सौगात के समान है।

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