विपिन ने सिंगिंग और एक्टिंग से बढ़ाया ‘शिवगढ़’ क्षेत्र का गौरव

Raebareli Uttar Pradesh मिसाल

● अपनी मातृभूमि ईश्वरीगंज को किया गौरवान्वित

● हौसलों से भरी सफलता की उड़ान

● विपिन ने बढ़ाया न्यू पब्लिक एकाडमी इण्टर कॉलेज भवानीगढ़ का मान

रायबरेली। कहते हैं कि ‘सपने उन्हीं के सच होते हैं, जिनके सपनों में जान होती है,पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।’ इन पंक्तियों को शिवगढ़ क्षेत्र के न्यू पब्लिक एकाडमी इण्टर कॉलेज भवानीगढ़ में अध्ययनरत कक्षा 6 के छात्र विपिन कुमार ने सच साबित कर दिखाया है। बचपन से सिंगर बनने एवं अभिनय करने का सपने को विषम परिस्थितियों के बीच विपिन ने पूरा कर दिखाया है। विपिन बताते हैं कि उन्हें सिंगर बनने की प्रेरणा अपनी मां शांति, पिता के दोस्त म्यूजिक डायरेक्टर संजय कुमार व विद्यालय में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मिली। विपिन का सपना था कि लोग उन्हें टीवी स्क्रीन पर देखें किंतु पढ़ाई की व्यस्तता के चलते उन्हें अवसर प्राप्त नही हुआ।

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कोरोना संकटकाल में विद्यालय में हुए अवकाश को विपिन ने अवसर मानकर अपना सपना पूरा करने की ठान ली और लॉकडाउन के पूर्व मुम्बई नगरी से अपने गांव पूरे मेवालाल मजरे शिवगढ़ आए पिता के दोस्त बॉलीवुड म्यूजिक डायरेक्टर संजय कुमार से एल्बम में गाना गाने की अपनी इच्छा प्रकट की जिसे संजय कुमार ने सहज स्वीकार करते हुए विपिन कुमार को एक महीने तक अपने पास रख कर दिन-रात विपिन को सिखाते रहे। मेहनत और लगन के बल पर विपिन ने एक महीने के अन्दर गाना गाने के साथ ही अभिनय करना सीख लिया। जिसके पश्चात म्यूजिक डायरेक्टर संजय कुमार ने अपने निजी खर्चे से लेखक संतोष कुमार के अवधी गीत ‘ढूंढै पूरी अवध नगरिया,न भेटानी धनिया की शूटिंग शिवगढ़ क्षेत्र के पूरे मेवालाल,पिपरी पुल बाराबंकी जिले के पोखरा सगरा, मंगल सिंह का पुरवा में शूटिंग की। गाने में बाकायदा शिवगढ़, हैदरगढ़, पोखरा, मंगल सिंह का पुरवा, त्रिवेदीगंज का जिक्र किया गया है।

विपिन ने पूरा किया दिवंगत मां का सपना

11 वर्षीय विपिन कुमार मूल रूप से रायबरेली जनपद के शिवगढ़ ब्लॉक से सटे ईश्वरीगंज गांव के रहने वाले हैं। जिनके पिता पूर्णमासी परिवहन निगम में संविदा कर्मी ड्राइवर हैं। विपिन के पिता और मां शांति का सपना था कि उनका बेटा स्कूल के सांस्कृतिक मंच से पर्दे तक पहुंचे। किंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था,बेटे को सिंगर बनाने का सपना पूरा होने से पूर्व ही 26 जनवरी 2020 को कैंसर से पीड़ित विपिन की मां ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। विपिन ने मां के सपने को पूरा करके अपनी मां को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। विपिन ने गाना गाने के साथ ही स्वयं अभिनय किया है। विपिन द्वारा गाया गया गीत ‘ढूंढै पूरी अवध नगरिया’ इन दिनों खूब धमाल मचा रहा है। विपिन की सफलता पर विपिन के पिता अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। न्यू पब्लिक एकाडमी इण्टर कॉलेज भवानीगढ़ के प्रबंधक विवेक बाजपेई, प्रधानाचार्य अनूप पांडेय, प्राइमरी विंग प्रधानाचार्य अंकित तिवारी ने विपिन को शुभकामनाएं दी हैं।

आंखों में खुशी और गम का शैलाब

विपिन की आंखों में जहां मां का सपना पूरा करने के खुशी के आंसू हैं। वहीं मां का इस दुनिया में ना रहने का गम भी है। मां को याद कर विपिन फफक पड़ा। गम क्यों ना हो मां आखिर मां होती है। डेढ़ वर्ष तक चले लंबे इलाज के बाद भी कैंसर से पीड़ित विपिन की मां को नहीं बचाया जा सका। बहू को कैंसर से ग्रसित सुनकर डेढ़ माह पहले दादी ने फिर मां शांति ने दम तोड़ दिया।

विद्यालय प्रबंधन करेगा विपिन को सम्मानित

विद्यालय के प्रबन्धक विवेक बाजपेई ने बताया कि विपिन कुमार होनहार, मेधावी छात्र है। विद्यालय की ओर से विपिन कुमार को सम्मानित किया जाएगा। प्रबंधक विवेक बाजपेई ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन का सबसे उत्तम समय उसका बचपन और किशोरावस्था होती है। बचपन का खेल और किशोरावस्था में की गयी शरारतों की मीठी यादें जीवन की आख़िरी साँस तक रहती है। लेकिन इस वक्त की मीठी यादें तभी खुशी देंगी जब आपने जीवन मे कुछ मुकाम को हासिल कर लिया हो..! जब आपने खुद के सपनो को पूरा कर लिया हो। सपने सिर्फ देखने से पूरे नहीं होते, सपनों को पूरा करने के लिए जी तोड़ मेहनत करनी होती है, त्याग करना होता है, उचित मार्गदर्शन की जरूरत होती है। तब जाकर सफलता मिलता है।

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