कोरोना से किराना व्यापारी की मौत

Lucknow Uttar Pradesh

मुकेश रावत

सरोजनीनगर,लखनऊ। करोना काल और उस से होने वाली मरीजों की मौत, पर घोर प्रशासनिक लापरवाही देखने को लगातार मिल रही है। कम आँकड़े दिखाने और कागज़ो पर करोना प्रोटोकाल का पालन किये जाने के तमाम मामले लगातार सामने आ रहे है। लापरवाही का आलम यह है की राजधानी लखनऊ मे बीते चार दिन पहले पाजिटिव आये करोना के मरीज की अस्पताल मे मौत के बाद ना तो उसे शमशान ले जाने के लिये कोई वाहन उप्लब्ध कराया गया और ना ही परिजनो को प्रोटोकाल के नियमो की ही जानकारी दी गयी ।यही नहीं, ना तो घर के आस पास के इलाके को कन्टेन्मेंट जोन ही बनाया गया।


मामला लखनऊ के सरोजनीनगर के गौरी बाजार के एक प्रतिष्ठित किराना कारोबारी की करोना से मौत का है। करीब दस दिन पूर्व व्यापारी को बुखार के साथ सांस लेने मे हुई परेशानी के चलते नजदीकी निजी अस्पताल मे भर्ती कराया गया,।अस्पताल प्रसाशन द्वारा कराई गयी करोना जांच मे व्यापारी निगेटिव आया, पर हालत मे कोई सुधार ना होता देख परिजनो ने मरीज को एक प्रसिद्ध व नामी अस्पताल अपोलो मेड़ीक्स मे भर्ती कराया।जहाँ मरीज का कोरोना टेस्ट पाजिटिव निकला।

हालत नाजुक होने पर अस्पताल प्रसाशन ने वेंटिलेटर सपोर्ट सिस्टम लगाने के साथ ही सी एम ओ आफिस और कोरोना से संबंधित अन्य अधिकारियो को इस सम्बंध मे अवगत करा दिया। सरकारी बद इन्त्जामी का आलम यह रहा की चार दिन तक निजी अस्पताल मे भर्ती रहने के बावजूद ना तो मरीज को कोविड अस्पताल मे शिफ्ट कराया गया, ना तो कांटैक्ट ट्रेसींग के तहत मरीज के परिजनो की ही कोविड जांच की गयी। आखिर सरकारी सिस्टम से थक हार कर मरीज ने आज सुबह दम तोड़ दिया।
हद तो तब हो गयी जब झूठे आँकड़े पेश करने मे माहिर हो चुके अधिकारियो ने शव को शमशान ले जाने के लिये भी एम्बुलेंस और पी पी इ किट उप्लब्ध नही कराई गई । बार बार सी एम ओ आफिस मे मांग करने के बावजूद कोई हल ना निकलता देख परिजनो ने पुलिस की डायल 112 की मदद ली।

मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियो ने भी काफी देर तक अधिकारियो को फोन कर स्थिति से अवगत कराया, परंतु काफी देर तक नतीजा न निकलने के बाद भी परिजनो ने निजी वाहन से शव ले जाने की सलाह दे कर चलते बने। ,कोई रास्ता ना निकलता देख और सिस्टम की नाकामी से परेशान परिजन आखिर शव को बिना किसी प्रोटोकाल की जानकारी के मजबूर हो कर निजी वाहन से ले जाने को मजबूर हुए । आखिर व्यापारी का दाह संस्कार लखनऊ के गोमती तट स्थित बैकुंठ धाम के विधुत शव दाह गृह मे कर दिया गया। पर व्यापारी की मौत अपने पीछे कोरोना को लेकर आंकड़ो के खेल मे उलझे सिस्टम की घोर लापरवाही बयाँ कर रही है।

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