जलमग्न हुआ प्राथमिक विद्यालय पडीरा खुर्द,जिम्मेदार मौन

Raebareli Uttar Pradesh लापरवाही

अंंगद राही

रायबरेली। प्रदेश की योगी सरकार परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए शुरु से ही प्रयासरत है। किन्तु जिम्मेदार सरकारी नुमाइंदों की लापरवाही के चलते परिषदीय विद्यालयों की हालत सुधरने का नाम नही ले रही। सरकार द्वारा कायाकल्प के नाम पर लाखों रुपए पानी की तरह बहाए जाने के बावजूद अधिकांश विद्यालय जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। सबसे बड़ी विडम्बना है कि ग्रामीणों की दर्जनों शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार मौन हैं। ऐसे कैसे पढ़ पायेगा इंडिया, कैसे आगे बढ़ पाएगा इंडिया। मामला बछरावां क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पडीरा खुर्द का है। जिसका ग्राउंड काफी नीचे होने के चलते हल्की बारिश होते ही विद्यालय प्रांगण जलमग्न हो जाता है। जिसकी ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से दर्जनों बार शिकायत की किंतु नतीजा शून्य रहा। किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने जलभराव की समस्या से जूझ रहे विद्यालय की सुध लेना मुनासिब नही समझा। गांव के जागरूक युवा मनीष कुमार का कहना हैं कि वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण के चलते शिक्षण कार्य बंद है। हर साल बारिश के दिनों में नौनिहालों का विद्यालय की बिल्डिंग तक पहुंच पाना किसी चुनौती से कम साबित नही होता। मजबूरी में छोटे-छोटे बच्चे किसी तरह गिरते पड़ते अपनी कक्षा तक पहुंचते हैं। मनीष कुमार ने बताया कि जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई किंतु ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों एवं अभिभावकों की शिकायत को गम्भीरता से नही लिया। मनीष कुमार का कहना है कि 22 जुलाई को उसने ट्यूट के माध्यम से बीएसए को भी अवगत कराया किंतु कोई कार्यवाही नही हुई जिसके चलते वह अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलभराव की समस्या से निजात नही मिली तो मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे। खण्ड विकास अधिकारी प्रवीण कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में नही था। जांच कराई जाएगी यदि विद्यालय का ग्राउंड नीचा है तो उसे ऊंचा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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