आखिर किस रोग की दवा है ये ? किस दवा कंपनी को इसकी आपूर्ति करते थे व्यापारी

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टीपी यादव

रायबरेली।किस रोग की दवा है ये? किस दवा कंपनी को इसकी आपूर्ति करते थे व्यापारी ? उपजिलाधिकारी विनय सिंह का यह सवाल गारण क़े बीज को औषधि बता ज्ञापन देने आए व्यापारियो को लेकर था जिस पर व्यापारियो क़े अगुआ निरुत्तर दिखे ।
बताते चले की शुक्रवार को एसडीएम को ज्ञापन देने आए व्यापारी नेता रिंकू जायसवाल ने कहा की साहिब यह गारण का बीज नकली जीरा नही आयुर्वेदिक औषधि है, कोतवाली पुलिस फर्जी मुकदमा दर्ज कर व्यापारियो का उत्पीड़न कर रही है । जानकारी हो की कोतवाली पुलिस की छापेमारी क़े दौरान 715 कुंतल नकली जीरा बरामद हुआ जिस पर कोतवाली पुलिस ने 9 लोगो क़े विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर एक व्यापारी सत्येंद्र केसरवानी को जेल भेजा । जिसके बचाव मे आते हुई कार्यवाही से खफा व्यापारियो क़े एक गुट ने कोतवाली पुलिस क़े खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ज्ञापन देने क़े दौरान उपजिलाधिकारी विनय सिंह ने व्यापारी नेताओ से पूछा की यदि यह फूल झाडू औषधि है तो यह किस रोग की नाशक दवा है और पंजीकृत व्यापारी इसे किस आर्युवेदिक दवा कंपनी को बेचते है । बगले झांकते व्यापारियो को एसडीएम विनय सिंह ने कहा की खाद्य पदार्थो मे अपमिश्रण जनमानस क़े लिए सबसे खतरनाक चीज है,बिना तथ्य क़े कोई अफवाह प्रचारित करना कानून क़े खिलाफ है । इस दौरान ज्ञापन देकर कोतवाली पुलिस पर दबाव बनाने की राजनीति पर क्षेत्राधिकारी विनीत सिंह ने कहा की ज्ञापन देकर रसूखदार मिलावटखोरो को बचाने का कार्य व्यापार मंडल कतई ना करे,पुलिस द्वारा ऐसे लोगो को कतई नही बक्शा जाएगा । वही सीओ ने कहा की गारण को औषधि बताने वाले व्यापारी नेता ऐसे आयुर्वेदाचार्यो का लाइसेंस दिखाए नही तो ड्रग लाइसेंस ना होने का मुकदमा भी दर्ज कर कठोर कार्यवाही की जाएगी ।

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