सड़कों में गड्ढे नहीं, गड्ढों में सड़क कहिए जनाब

Raebareli Uttar Pradesh लापरवाही

⚫ नसीराबाद वाया मऊ सड़क हुई खस्ताहाल

⚫ सपाट सड़कों पर जगह – जगह बने गड्ढे दे रहे मौत को दावत

⚫ पीडब्ल्यूडी विभाग के उदासीन अफसर कर रहे बड़ी दुर्घटना का इंतजार

मुस्तकीम अहमद

नसीराबाद,रायबरेली। प्रदेश में भाजपा की सरकार के बनते ही जहां प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान जोरों पर चलाया गया।वहीं प्रदेश की योगी सरकार ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का खूब ढिढोरा पीटा। कहीं कहीं यह दावे पूरे हुए।तो कहीं सिर्फ कागजों में ही सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया गया। वहीं रायबरेली जनपद के नसीराबाद वाया मऊ रोड जिम्मेदारों के इस खेल से अछूता नहीं रहा। बतातें चलें कि नसीराबाद वाया मऊ मार्ग पर स्थित रहीमगंज चौराहे के पास सड़क पूरी तरह से बड़े बड़े एवं गहरे गड्ढ़े में तब्दील राहगीरों को मौत को दावत दे रही हैं। ये खतरनाक गड्ढे सड़क पर चलने वाले मुसाफिरों के लिए मुसीबत बन गये हैं। जहां आये दिन राहगीर इन गड्ढों में गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। किंतु जिम्मेदार अफसरानों को राहगीरों की इस बड़ी समस्या से कोई सरोकार नहीं है। ऐसे में पीडब्लूडी विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। यह मुख्य मार्ग बारिश की भेंट चढ़ चुकी होने के कारण गहरे गड्ढे में तब्दील हो चुकी है।वहीं इस सड़क पर भारी मात्रा में बड़े बड़े वाहनों का आवागमन हमेशा लगा रहता है। सड़क पर बने गड्ढ़े राहगीरों की जान लेने पर आमादा है।इससे पूर्व उक्त मार्ग में कई हादसे हो चुकें है।जहां कई लोग गिरकर घायल हुये भी हो चुके है। वहीं पूर्व में एक बाइक के फिसलकर गिरने से एक महिला की दर्दनाक मौत से भी पीडब्ल्यूडी विभाग कुंभकर्णी नींद से जागने को तैयार नही है।जिससे हर रोज कोई न कोई राहगीर इन बढ़े गड्ढों में गिरकर चुटहिल हो रहा है। किंतु, जान जोखिम में डालकर चलने वाले मुसाफिरों की इस बड़ी समस्या से जिम्मेदार महकमे को कोई सरोकार नहीं है। जबकि उसी सड़क के रास्ते से होकर आने जाने वाले पीडब्ल्यूडी विभाग के जिम्मेदार अफसर अपनी आँखों पर पट्टी बांधकर आमजन की इस बड़ी समस्या को नजरअंदाज किये हुए हैं। वहीं राहगीरों का कहना है कि सड़क पर हो रही अधिकतर दुर्घटनाओं में पीडब्ल्यूडी विभाग के बेपरवाह अफसरों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। विभाग के अधिकारियों को बार- बार इन यमदूत रूपी गड्ढों के विषय से अवगत कराया गया। लेकिन आज तक विभाग का कोई भी अधिकारी गड्ढो का मौका मुआयना तक करने नहीं आया। ग्रामीणों की वाजिब शिकायत को भी संज्ञान में न लेकर नजर अंदाज किया। लोगों का कहना है कि एक तरफ जहां विभाग के लोग कुम्भकर्णीय नींद में मस्त हैं।तो वहीं सड़क पर विवश होकर चलने वाले मुसाफिर गड्ढों के आतंक से त्रस्त हैं।सड़क की खस्ताहाल दशा को बयां कर रही है। नसीराबाद वाया मऊ सड़क पर मजबूरन चलने वाले दुपहिया चालक, साईकिल सवार आदि लोग फिसलकर चुटहिल हो रहे है। वही दूसरी तरफ दुपहिया, चारपहिया वाहन के टायर, साकर आदि कलपुर्जे खराब होकर वाहन स्वामी पर अतिरिक्त खर्च का बोझ डाल रहे हैं। बहरहाल, सरकार को डायरेक्ट टैक्स देने वाले राहगीर बड़े बड़े गढ्ढे युक्त सड़क पर चलने को विवश है। वहीं जिम्मेदार महकमा पीडब्ल्यूडी विभाग इस बड़ी समस्या से आंख फेरे हुए है।जो सरकार के गढ्ढा मुक्त सड़क के नारे पर एक बड़ा प्रश्न चिंह लगा रहा है।

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