वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु शिक्षा की भूमिका विषय पर आयोजित की गई संगोष्ठी

Raebareli Uttar Pradesh

वायु प्रदूषण से सांस लेना हो रहा दूभर : डॉ.आरके सिंह

विपिन पाण्डेय

रायबरेली। शिवगढ़ क्षेत्र के श्री बरखण्डी महाविद्यालय में वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु शिक्षा की भूमिका विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी का शुभारम्भ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.आरके सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया। जिसके पश्चात बीएड की छात्रा सपना, ज्योति ने अपनी मधुर आवाज में सरस्वती वंदना प्रस्तुत करके सभी का मन मोह लिया। वही रिंकी वर्षा सिंह ने अपनी सुरीली आवाज में गीत गाकर समा बांध दिया। इस अवसर पर बतौर संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आर.के.सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानव जीवन के विकास के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य आवश्यक है परंतु जब वायु प्रदूषण के कारण जीवन खतरे में हो तो वायु प्रदूषण का नियंत्रण अति आवश्यक है।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर.के. सिंह

आज वायु प्रदूषण के भयंकर प्रकोप के कारण दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य शहरों में सांस लेना मुश्किल है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा कहा गया है कि “प्रदूषण से लोग मर रहे हैं उम्र घट रही है ये जीवन के अधिकार का खुला उल्लंघन है।” 2013 में चीन के शहर भी विश्व के प्रदूषित शहरों की भांति सबसे ऊपर थे, परंतु चीन अपने अथक प्रयासों से 2020 तक 60 प्रतिशत वायु प्रदूषण कम कर लेगा। भारत को भी ऐसा सार्थक प्रयास करने की जरूरत है। नई शिक्षा नीति में सभी स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित औचित्य पूर्ण एवं बोधगम्य पाठ्यक्रम अवश्य पढ़ाया जाना चाहिए।

संगोष्ठी में शिक्षकों के विचारों को सुनते छात्र-छात्राएं

डॉ. आर.डी. सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि वायु प्रदूषण से निजात पाने के लिए पाठ्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को अनिवार्य किया जाय। डॉक्टर संचिता मिश्रा ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि वृक्षारोपण सभी के लिए अनिवार्य किया जाये। वृक्षारोपण को बढ़ावा देने वाले लोगों को मंचों पर सम्मानित किया जाए, जिससे लोग प्रेरणा लेंगे जिसके लिए सरकारी गैर सरकारी संगठनों को आगे आना चाहिए। वहीं डॉ. आशुतोष मिश्रा ने वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं रैलियों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया।

सुरेश चंद्र शुक्ला ने कहा कि पराली जलाने पर दंडात्मक कार्यवाही का कड़ाई से पालन किया जाए । इसी क्रम में छात्र-छात्राओं ने संगोष्ठी में पूरे उत्साह के साथ सहभागिता दर्ज कराते हुए अपने विचार प्रकट किए। संगोष्ठी में बीएड की छात्रा अंजलिका व नलिनी मिश्रा ने प्रथम, सुधांशु अवस्थी ने द्वितीय, अभिषेक गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर डॉ. सुमन शुक्ला, डॉ. रश्मि, डॉ. संजय, अमर बहादुर सिंह, अनुज कुमार, राकेश कुमार, विद्यासागर यादव, पवन सिंह, राजेंद्र कुमार सहित लोग मौजूद रहे।

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