आखिर कैसे करंट की चपेट में आकर काल के गाल में समा गया कृषक

Raebareli Uttar Pradesh

विपिन पाण्डेय

रायबरेली। चार्जिंग में मोबाइल फोन लगाते समय विद्युत करंट की चपेट में आए अधेड़ कृषक की हृदय विदारक मौत हो गई। जिसकी मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों के करुण पुकार से समूचा गांव कराह उठा। घटना शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ढोढवापुर गांव की है। जानकारी के मुताबिक ढोढ़वापुर गांव के रहने वाले 45 वर्षीय रामकिशोर पुत्र गंगादीन गौतम रविवार की रात 9 बजे मोबाइल फोन पर मैच देख रहे थे तभी फोन की बैटरी लो होने पर मोबाइल फोन को चार्जिंग में लगाने लगे, तभी वह करंट की चपेट में आकर जमीन पर मूर्छित होकर गिर पड़े।

मृतक रामकिशोर की फाइल फोटो

जिनके गिरने की आवाज सुनकर दौड़ी रामकिशोर की पत्नी प्रेमा देवी पति को करंट की चपेट में आता देख चीखने चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर दौड़े मोहल्ले के लोगों ने किसी तरह केबल को नोच कर अधेड़ को विद्युत करंट से अलग किया। और पिकअप से उसे आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ ले जाया गया। जहां अधेड़ की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के पश्चात डॉक्टरों ने लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। जिसके बाद अधेड़ को मोहनलालगंज में एक निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां पर अधेड़ की जांचोपरांत हालत नाजुक देखते हुए लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। अधेड़ रामकिशोर को इलाज के लिए राजधानी लखनऊ ले जाया जा रहा था तभी रास्ते में अधेड़ ने दम तोड़ दिया।

रोते बिलखते परिजन

जिसकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया परिजनों की करुण पुकार से समूचा गांव कराह उठा। रात में ही मृतक के शव को गांव वापस लाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस में मृतक के शव को कब्जे में लेकर सोमवार को प्रातः 10 बजे पीएम के लिए भेज दिया है। वहीं प्रधान प्रतिनिधि दिनेश गौतम की सूचना पर मृतक के घर पहुंचे हल्का लेखपाल रमेश पटेल ने परिजनों को ढाढंस बंधाते हुए तहसील प्रशासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही।

बेटा और बेटी के सिर से उठ गया पिता का साया

रामकिशोर की मौत से उसके 22 वर्षीय पुत्र नरेंद्र कुमार व 18 वर्षीय पुत्री के सिर से पिता का साया उठ गया है। मृतक की पत्नी प्रेमा देवी, भाई रामप्रसाद, सहजराम व पुत्र पुत्री का रो-रोकर बुरा हाल है।

कैसे होंगे बेटी के हाथ पीले…..

मृतक रामकिशोर खेती-बाड़ी करने के साथ ही दिन रात दूसरों की मेहनत मजदूरी करके बेटी की शादी के लिए एक-एक पाई जोड़कर इकट्ठे कर रहा था। किंतु रामकिशोर की मौत से सारे सपने चकनाचूर हो गए। मृतक की पत्नी प्रेमवती को यही चिंता खाए जा रही है कि कैसे बेटी के हाथ पीले होंगे और कैसे बेटे का विवाह करेगी।

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