हिन्दी पत्रकारिता भारत की आत्मा : रामानन्द सैनी

Raebareli Uttar Pradesh सम्मान

प्रमोद राही

लखनऊ। भारत में सबसे अधिक लोकप्रिय और बोली जाने वाली भाषा हिन्दी है इसलिए हिन्दी पत्रकारिता को भारत की आत्मा कहा जाता है। मैंने अपने जीवन के तेरह वर्ष हिन्दी भाषा की पत्रकारिता में दिए। मेरा अपना अनुभव है कि जो बात हिन्दी में लिखी, पढ़ी और समझी जा सकती है वह अन्य भाषा में नहीं। जब मैं दैनिक अखबार में कोई खबर अंग्रेजी भाषा से हिन्दी में अनुवाद करके लगाता था, तो उसमें वह मज़ा नहीं आता था जो मूल खबर हिन्दी में रहती थी। इसी प्रकार जब मैं साइकिल से भारत भ्रमण पर गया था तो मार्ग में मीडिया वालों से बात करनी पड़ती थी। कुछ पत्रकार हिन्दी के थे। उनके प्रश्नों का जवाब देने में जो सुविधा होती थी वह अन्य लोगों के साथ नहीं। ऐसा नहीं कि मुझे अंग्रेजी नहीं आती थी लेकिन खबर लिखने, पढने और समझने में जो सुविधा हिन्दी में थी। वह अन्य किसी भाषा में नहीं दिखी। कई जगह तो मैं अपनी खबर जानने के लिए पत्रकारों को अपनी फोटो देता था ,और अगले दिन अखबार में फोटो देखकर अपनी खबर का अनुमान लगाया करता था। ऐसा ही मैंने विदेशों में भी किया। अंग्रेजी में मतलब निकाल भी लेता था। लोग प्रशंशा लिखते थे। भारत माता का नाम लिखते तो मन खुश होता था। मैं उन समस्त हिन्दी भाषा के पत्रकारों को बधाई देना चाहता हूं जो अपनी मातृ भाषा में अपने विचारों व सूचनाओं का आदान प्रदान करते हैं। मेरा सभी पत्रकारों से विनम्र निवेदन है कि हिन्दी भाषा को भारत की राष्ट्र भाषा बनाने के लिए आंदोलन चलाएं, मैं उनके साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलने के लिए कृत संकल्प हूं।

Total Page Visits: 129 - Today Page Visits: 1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *