आखिर किन मांगों को लेकर मार्डन रेल कोच मजदूर संघ ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

Raebareli Uttar Pradesh

सुषमा मिश्रा

रायबरेली।कई प्रदेशों की ओर से जारी श्रम कानून अध्यादेश को अविलंब रद्द करने के लिए सभी सरकारी उधोग PSU के निजीकरण एवं निगमीकरण पर अविलम्ब रोक लगाने के लिए एमसीएफ मजदूर संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष आदर्श सिंह बघेल, महामंत्री सुशील गुप्ता ,ने जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में उन्होंने कहा है सरकार सभी सरकारी उद्योग PSU के निगमीकरण पर तुरन्त रोक लगये। एमसीएफ की काबिलियत का बखान हमारे रेलमंत्री जी ने संसद से लेकर डीएलडब्ल्यू तक किया। जिससे हम सभी एक बार फिर मंत्री जी को याद दिलाना चाहते है कि ये फैक्टरी वही फैक्टरी है जिसने 2000 कोच बनाये एमसीएफ फैक्टरी कुछ भी कर सकती है आप चाहे जो टारगेट दो हम पूरा जी जान लगा देंगे लेकिन हम सभी मजदूर संघ के पदाधिकारी निगमीकरण नही सहेंगे।
वर्तमान समय में विश्व स्तरीय महामारी कोरोना वायरस से देश के समस्त वर्ग पीड़ित हैं।
सभी प्रकार के उद्योगों एवं सरकारी विभागों में लाखों-करोड़ों कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा श्रम कानूनों में सेवायोजकों के एकतरफा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मजदूर हितों को प्रभावित करने वाला अध्यादेश लाकर 3 वर्ष के लिए अस्थाई छूट देने वाला अध्यादेश लाया गया। जो देश हित एवं मजदूर हितो में नहीं है।
बीएमएस इससे जुड़े सभी संगठन इस विषय को कतई नहीं मानते कि श्रमिक विकास के कार्य मे अवरोधक है।भारतीय मजदूर संघ का मानना है कि राज्य सरकारों की हरकते, भ्रामक, गैरकानूनी ,अनुचित मानवता के खिलाफ, मौलिक अधिकारों का उल्लंघन,आईएलओ कन्वेंशन -47-का उल्लंघन और विकास की दृष्टि में भी बाधक है।प्रदेश सरकारों की ओर से श्रम कानून को लेकर जारी अध्यादेशों को अविलंब रद्द किया जाए जिससे वह सभी मजदूरों के हित में हो।

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